हिमाचल: मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की फीस में 20 हजार की राहत, बीडीएस की पांच फीसदी बढ़ी
सरकार ने एमबीबीएस की ट्यूशन फीस पांच साल के बजाय साढ़े चार साल तक लेने का प्रावधान लागू किया है। पांचवें वर्ष में पूरी 40 हजार रुपये सालाना ट्यूशन फीस के बजाय अब केवल 20 हजार रुपये ही देने होंगे।
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हिमाचल के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस करने वाले विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस में 20 हजार रुपये की राहत मिलेगी। सरकार ने एमबीबीएस की ट्यूशन फीस पांच साल के बजाय साढ़े चार साल तक लेने का प्रावधान लागू किया है। पांचवें वर्ष में पूरी 40 हजार रुपये सालाना ट्यूशन फीस के बजाय अब केवल 20 हजार रुपये ही देने होंगे। इससे पांच साल की ट्यूशन फीस में कुल 20 हजार रुपये की कमी आएगी। इधर, दोनों कोर्सों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि मंगलवार शाम पांच बजे तक बढ़ा दी गई है। एमबीबीएस काउंसलिंग प्रोस्पेक्टस में सरकार के 19 मई 2026 और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) शिमला के 5 जून 2026 के पत्रों का हवाला देते हुए यह प्रावधान किया गया है।
इसके बाद 10 अगस्त 2026 के सरकारी पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया गया कि पांचवें वर्ष में छह माह की ट्यूशन फीस यानी वार्षिक ट्यूशन फीस की आधी राशि ली जाएगी। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की ट्यूशन फीस 40 हजार रुपये सालाना निर्धारित है। पहले पांच वर्षों के हिसाब से केवल ट्यूशन फीस दो लाख रुपये बनती थी। नए प्रावधान के बाद पहले चार वर्षों की 40-40 हजार रुपये फीस और पांचवें वर्ष की 20 हजार रुपये फीस मिलाकर कुल 1.80 लाख रुपये ट्यूशन फीस देनी होगी। विद्यार्थी को कुल 20 हजार रुपये की बचत होगी, अन्य शुल्क इस गणना में शामिल नहीं हैं। दूसरी ओर प्रदेश के निजी अनएडेड डेंटल कॉलेजों में बीडीएस की ट्यूशन फीस में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। बता दें कि सूबे में तीन हिमाचल डेंटल कॉलेज सुंदरनगर, भोजिया डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बुध नालागढ़, हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज पांवटा साहिब डेंटल कॉलेज हैं। उधर, एएमआरयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश भवानी ने कहा कि अभ्यर्थी प्रोस्पेक्ट्स से हर तरह की जानकारी ले सकते हैं।
बीपीएल विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस नहीं
सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों के विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस नहीं ली जाएगी। यह छूट विद्यार्थी के प्रवेश कोटे या डोमिसाइल की स्थिति से प्रभावित नहीं होगी। फीस जमा करते समय नवीनतम बीपीएल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
एमबीबीएस और बीडीएस काउंसलिंग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लयूएस) का लाभ लेने के लिए हिमाचल सरकार के निर्धारित नियम लागू होंगे। जिस परिवार की सकल वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, वही ईडब्लयूएस श्रेणी के लिए पात्र माना जाएगा। आय की गणना में वेतन, कृषि, कारोबार, पेशा समेत सभी स्रोतों से होने वाली आय शामिल होगी। बता दें कि एएमआरयू को मिले कई आवेदनों में 8 लाख वाले ईडब्लयूएस श्रेणी के प्रमाण पत्र मिले हैं।