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Hamirpur (Himachal) News: 1104 मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत, घरद्वार मिलेगा उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 30 Mar 2026 06:49 AM IST
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जिले में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए जल्द शुरू होगी पैलिएटिव केयर सुविधा
आशा कार्यकर्ताओं ने किया सर्वे, एमओ और स्टाफ नर्सें प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाए गए सर्वे में 1104 ऐसे मरीजों की पहचान की गई है, जिन्हें पैलिएटिव केयर (आरामदायक उपचार और देखभाल) की आवश्यकता है। ये मरीज कैंसर, किडनी, हृदय रोग और अन्य असाध्य बीमारियों से पीड़ित हैं, जिनके लिए निरंतर देखभाल और दर्द प्रबंधन जरूरी है। आशा कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर सर्वे किया है। पैलिएटिव केयर में चलने-फिरने और अस्पताल पहुंचने में असमर्थ गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को घर-द्वार पर उपचार दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत पैलिएटिव गाड़ी की भी सेवाएं लिया जाना प्रस्तावित है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ नर्स को विशेष प्रशिक्षण के लिए केरल भेजा था। केरल को पैलिएटिव केयर सेवाओं के मॉडल के रूप में जाना जाता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन स्वास्थ्यकर्मियों ने जिले के तीन स्वास्थ्य खंडों में अन्य स्टाफ को प्रशिक्षित किया।
प्रशिक्षण के दौरान मरीजों की देखभाल, दर्द प्रबंधन, मानसिक सहयोग और परिवार के साथ समन्वय जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रोगियों का घर-द्वार पर इलाज संभव होगा। रोगी के परिजनों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे रोगी की अच्छे से देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
बॉक्स
यह है पैलिएिटव केयर
पैलिएटिव केयर यानी उपशामक देखभाल किसी भी उम्र के व्यक्ति को दी जाने वाली ऐसी देखभाल है, जिसका मकसद रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है। डॉक्टर या टीम मरीज से बात करती है। उसकी समस्याओं को सुनती है। मरीज के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। मरीज से जुड़े काम जैसे साफ-सफाई, दवाएं देना, खाना खिलाना आदि और कुछ जगहों पर संगीत और आध्यात्मिक सेशन भी आयोजित किए जाते हैं।
कोट
-जिले में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए पैलिएटिव केयर जल्द शुरू होगी। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए प्रयासरत है। तीन स्वास्थ्य खंडों एमओ सहित अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। अन्य दो स्वास्थ्य खंडों के चिकित्सक अधिकारियों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। -डॉ. प्रवीण चौधरी, सीएमओ हमीरपुर।
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आशा कार्यकर्ताओं ने किया सर्वे, एमओ और स्टाफ नर्सें प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाए गए सर्वे में 1104 ऐसे मरीजों की पहचान की गई है, जिन्हें पैलिएटिव केयर (आरामदायक उपचार और देखभाल) की आवश्यकता है। ये मरीज कैंसर, किडनी, हृदय रोग और अन्य असाध्य बीमारियों से पीड़ित हैं, जिनके लिए निरंतर देखभाल और दर्द प्रबंधन जरूरी है। आशा कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर सर्वे किया है। पैलिएटिव केयर में चलने-फिरने और अस्पताल पहुंचने में असमर्थ गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को घर-द्वार पर उपचार दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत पैलिएटिव गाड़ी की भी सेवाएं लिया जाना प्रस्तावित है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ नर्स को विशेष प्रशिक्षण के लिए केरल भेजा था। केरल को पैलिएटिव केयर सेवाओं के मॉडल के रूप में जाना जाता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन स्वास्थ्यकर्मियों ने जिले के तीन स्वास्थ्य खंडों में अन्य स्टाफ को प्रशिक्षित किया।
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प्रशिक्षण के दौरान मरीजों की देखभाल, दर्द प्रबंधन, मानसिक सहयोग और परिवार के साथ समन्वय जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रोगियों का घर-द्वार पर इलाज संभव होगा। रोगी के परिजनों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे रोगी की अच्छे से देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
बॉक्स
यह है पैलिएिटव केयर
पैलिएटिव केयर यानी उपशामक देखभाल किसी भी उम्र के व्यक्ति को दी जाने वाली ऐसी देखभाल है, जिसका मकसद रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है। डॉक्टर या टीम मरीज से बात करती है। उसकी समस्याओं को सुनती है। मरीज के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। मरीज से जुड़े काम जैसे साफ-सफाई, दवाएं देना, खाना खिलाना आदि और कुछ जगहों पर संगीत और आध्यात्मिक सेशन भी आयोजित किए जाते हैं।
कोट
-जिले में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए पैलिएटिव केयर जल्द शुरू होगी। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए प्रयासरत है। तीन स्वास्थ्य खंडों एमओ सहित अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। अन्य दो स्वास्थ्य खंडों के चिकित्सक अधिकारियों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। -डॉ. प्रवीण चौधरी, सीएमओ हमीरपुर।