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Hamirpur (Himachal) News: तीन माह में आठ हजार की बिक्री, महिला स्वयं सहायता समूह हताश
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 30 Mar 2026 07:23 AM IST
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दियोटसिद्ध में न्यास ने तीन वर्ष के लिए एमओयू के तहत महिलाओं को दी है दुकान
वर्तमान में किराये की दुकान में केवल झंडे और अन्य पदार्थों को बेचने की है अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध(हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में महिलाओं को प्रदान की गई दुकान में लगभग तीन माह में आठ हजार रुपये की बिक्री हो सकी है। ऐसे में महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हताश हो गई हैं।
हालात ऐसे हैं कि चैत्र मास मेलों के चलते भी दुकान परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकान में कार्य कर रही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने बताया कि दुकान में खरीदारी के लिए ग्राहक नहीं आ रहे हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
अब महिलाओं ने मंदिर न्यास से दुकान में पारंपरिक पकवान बनाने के लिए अनुमति प्रदान करने की मांग की है। जनवरी माह में बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की ओर से ग्राम संगठन दियोटसिद्ध को तीन वर्ष के एमओयू के आधार पर एक दुकान किराये पर दी थी ताकि क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार चलाने व पारंपरिक हैंड क्राफ्ट आदि सामान को बेचने के लिए उन्हें उपयुक्त मंच मिल सके। दुकान में महिलाओं को केवल झंडे, टोकरी सहित अन्य सामान बेचने की ही अनुमति दी गई है। ऐसे में सभी दुकानों में एक जैसा सामान होने से महिलाओं की दुकान की ओर से ग्राहक कम रुझान दिखा रहे हैं, जिससे महिलाओं को कार्य करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने न्यास से सामान के साथ पारंपरिक पकवानों को बेचने के लिए अनुमति प्रदान करने की मांग की है।
कोट
वर्तमान में दुकान में केवल झंडे और अन्य कुछ वस्तुओं को बेचने की अनुमति है। महिलाओं की मांग है कि नियमों में ढील दी जाए ताकि वे व्यापार बढ़ा सकें। न्यास के अधिकारियों को मांग के बारे में अवगत करवाया जाएगा।- राजेश शर्मा, खंड विकास अधिकारी, बिझड़ी
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वर्तमान में किराये की दुकान में केवल झंडे और अन्य पदार्थों को बेचने की है अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध(हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में महिलाओं को प्रदान की गई दुकान में लगभग तीन माह में आठ हजार रुपये की बिक्री हो सकी है। ऐसे में महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हताश हो गई हैं।
हालात ऐसे हैं कि चैत्र मास मेलों के चलते भी दुकान परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकान में कार्य कर रही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने बताया कि दुकान में खरीदारी के लिए ग्राहक नहीं आ रहे हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
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अब महिलाओं ने मंदिर न्यास से दुकान में पारंपरिक पकवान बनाने के लिए अनुमति प्रदान करने की मांग की है। जनवरी माह में बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की ओर से ग्राम संगठन दियोटसिद्ध को तीन वर्ष के एमओयू के आधार पर एक दुकान किराये पर दी थी ताकि क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार चलाने व पारंपरिक हैंड क्राफ्ट आदि सामान को बेचने के लिए उन्हें उपयुक्त मंच मिल सके। दुकान में महिलाओं को केवल झंडे, टोकरी सहित अन्य सामान बेचने की ही अनुमति दी गई है। ऐसे में सभी दुकानों में एक जैसा सामान होने से महिलाओं की दुकान की ओर से ग्राहक कम रुझान दिखा रहे हैं, जिससे महिलाओं को कार्य करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने न्यास से सामान के साथ पारंपरिक पकवानों को बेचने के लिए अनुमति प्रदान करने की मांग की है।
कोट
वर्तमान में दुकान में केवल झंडे और अन्य कुछ वस्तुओं को बेचने की अनुमति है। महिलाओं की मांग है कि नियमों में ढील दी जाए ताकि वे व्यापार बढ़ा सकें। न्यास के अधिकारियों को मांग के बारे में अवगत करवाया जाएगा।- राजेश शर्मा, खंड विकास अधिकारी, बिझड़ी