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Hamirpur (Himachal) News: लखपति दीदी योजना से आत्मनिर्भर बनेंगी 20,800 महिलाएं
Tue, 28 Jul 2026 01:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 28 Jul 2026 01:09 AM IST
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हमीरपुर। हमीरपुर। जिले की 20,800 महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना का विस्तार किया जा रहा है। योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उनकी रुचि और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे स्वयं का रोजगार शुरू कर अपनी आय बढ़ा सकें।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत विभिन्न विभागों के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती निर्माण, मसाला पैकिंग, हस्तशिल्प समेत अन्य स्वरोजगार गतिविधियों का प्रशिक्षण शामिल होगा।
योजना का उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक पारिवारिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंचाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और उत्पादों के विपणन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशिक्षण के बाद पात्र महिलाओं को एक से पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपना कारोबार शुरू या विस्तारित कर सकें।
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जिले में 20,800 महिलाओं का योजना के तहत चयन किया गया है। उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि उनकी वार्षिक पारिवारिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंच सके।
- अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक-सह-परियोजना अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत विभिन्न विभागों के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती निर्माण, मसाला पैकिंग, हस्तशिल्प समेत अन्य स्वरोजगार गतिविधियों का प्रशिक्षण शामिल होगा।
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योजना का उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक पारिवारिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंचाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और उत्पादों के विपणन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशिक्षण के बाद पात्र महिलाओं को एक से पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपना कारोबार शुरू या विस्तारित कर सकें।
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जिले में 20,800 महिलाओं का योजना के तहत चयन किया गया है। उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि उनकी वार्षिक पारिवारिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंच सके।
- अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक-सह-परियोजना अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी