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Hamirpur (Himachal) News: प्राथमिक स्कूलों में दिल्ली की विशेषज्ञ टीम परखेगी ज्ञान
Thu, 09 Jul 2026 12:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:52 AM IST
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हमीरपुर। जिले के 416 प्राथमिक स्कूलों का जल्द ही शैक्षणिक ऑडिट किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम स्कूलों का दौरा कर निपुण भारत मिशन के तहत निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति का आकलन करेगी।
टीम पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों की भाषा एवं गणित की दक्षता, कक्षा शिक्षण, गतिविधि आधारित शिक्षा, पाठ्य सामग्री के उपयोग और सीखने के स्तर का मूल्यांकन करेगी।
निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की शिक्षण प्रक्रिया, गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह कार्य, टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) के उपयोग, कक्षा में विद्यार्थियों की सहभागिता, संवाद कौशल तथा स्कूलों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की भी समीक्षा की जाएगी।
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साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी गतिविधियों का भी आकलन होगा। ऑडिट रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) के लक्ष्य किस हद तक हासिल हुए हैं।
विशेषज्ञ टीम बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ का परीक्षण करेगी और कक्षा के अनुरूप गतिविधियों के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता का मूल्यांकन करेगी।
ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक स्कूल की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता होगी, वहां शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक सहयोग और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य निपुण भारत मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और प्रत्येक विद्यार्थी को बुनियादी सीखने के निर्धारित स्तर तक पहुंचाना है।
कोट
ऑडिट प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। -भवानी सिंह, मीडिया प्रभारी, डाइट गौना करौर
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टीम पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों की भाषा एवं गणित की दक्षता, कक्षा शिक्षण, गतिविधि आधारित शिक्षा, पाठ्य सामग्री के उपयोग और सीखने के स्तर का मूल्यांकन करेगी।
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निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की शिक्षण प्रक्रिया, गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह कार्य, टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) के उपयोग, कक्षा में विद्यार्थियों की सहभागिता, संवाद कौशल तथा स्कूलों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की भी समीक्षा की जाएगी।
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साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी गतिविधियों का भी आकलन होगा। ऑडिट रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) के लक्ष्य किस हद तक हासिल हुए हैं।
विशेषज्ञ टीम बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ का परीक्षण करेगी और कक्षा के अनुरूप गतिविधियों के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता का मूल्यांकन करेगी।
ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक स्कूल की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता होगी, वहां शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक सहयोग और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य निपुण भारत मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और प्रत्येक विद्यार्थी को बुनियादी सीखने के निर्धारित स्तर तक पहुंचाना है।
कोट
ऑडिट प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। -भवानी सिंह, मीडिया प्रभारी, डाइट गौना करौर