फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   'Khushi' becomes a digital companion for TB patients.

Hamirpur (Himachal) News: टीबी टीबी मरीजों की डिजिटल साथी बनी ‘खुशी’

Wed, 08 Jul 2026 01:38 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Wed, 08 Jul 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
एआई चैटबॉट देगा हर सवाल का तुरंत जवाब, मोबाइल पर मिलेगी इलाज की जानकारी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। टीबी मरीजों के लिए इलाज की प्रक्रिया अब और आसान होने जा रही है। टीबी मुक्त भारत एप में एआई आधारित चैटबॉट खुशी-आपकी ई-संगिनी को शामिल किया गया है, जो मरीजों को उपचार से जुड़े सवालों के जवाब उपलब्ध करवाएगा।
यह स्मार्ट चैटबॉट टीबी के लक्षण, जांच, दवाइयों, इलाज की अवधि, पोषण, आवश्यक सावधानियों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी सरल भाषा में देगा। इससे मरीजों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे मोबाइल के माध्यम से तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ‘खुशी’ मरीजों को समय पर दवा लेने और उपचार पूरा करने के लिए भी प्रेरित करेगी। इससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच संवाद बेहतर होगा और इलाज बीच में छोड़ने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

टीबी का उपचार लंबे समय तक चलता है और कई बार मरीज दवा बीच में छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर हो सकती है। एआई चैटबॉट मरीजों को नियमित दवा लेने, चिकित्सकीय सलाह का पालन करने और उपचार पूरा करने के लिए लगातार प्रोत्साहित करेगा।
बॉक्स
12 भाषाओं में करेगी संवाद, आवाज में भी देगी जवाब
खुशी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बहुभाषी क्षमता है। यह हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, बंगाली समेत 12 भाषाओं में उपलब्ध है। यह टेक्स्ट के साथ-साथ आवाज के माध्यम से भी लोगों से संवाद कर सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को भी आसानी से लाभ मिलेगा।
बॉक्स
जिले में हर साल आ रहे 1000 नए टीबी मरीज
जिले में हर साल करीब 1,000 नए टीबी मरीज पंजीकृत होते हैं। ऐसे में एआई तकनीक से लैस यह पहल टीबी मरीजों के लिए किसी डिजिटल साथी से कम नहीं है। घर बैठे सही मार्गदर्शन मिलने से उपचार की सफलता बढ़ेगी। वहीं, टीबी मुक्त भारत अभियान को भी नई रफ्तार मिलेगी।

कोट
टीबी मुक्त भारत एप में एआई आधारित चैटबॉट ‘खुशी-आपकी ई-संगिनी’ को जोड़ा गया है। टीबी मरीजों के लिए अच्छी साबित होगी। -डॉ. सुनील वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article