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Hamirpur (Himachal) News: बारिश के साथ बढ़े त्वचा रोग, मेडिकल कॉलेज में मेडिकल कॉलेज में बढ़े मरीज
Tue, 18 Aug 2026 05:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 18 Aug 2026 05:06 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में ओपीडी पर्ची के लिए पंक्ति में मरीज। संवाद
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सचित्र
उमस और नमी से संक्रमण व एलर्जी का खतरा, त्वचा ओपीडी में 160 पार पहुंचे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की त्वचा पर भी देखने को मिल रहा है। धूप और बारिश के बीच बढ़ी उमस के कारण त्वचा संबंधी एलर्जी और खुजली की शिकायतें बढ़ गई हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर एवं अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में करीब 130 से 140 मरीज पहुंचते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह संख्या बढ़कर 160 के पार पहुंच गई है।
चिकित्सकों के अनुसार मरीजों में त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, एलर्जी और अन्य तरह की त्वचा संबंधी परेशानियां सामने आ रही हैं। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने और उमस के कारण त्वचा पर संक्रमण व एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है। वहीं, तेज धूप में अधिक समय बिताने से भी त्वचा प्रभावित होती है। ऐसे में चिकित्सकों की ओर से लोगों को त्वचा को साफ और सूखा रखने के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
बॉक्स
त्वचा रोगों से बचाव के उपाय
बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलें।
रोजाना स्नान करें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं।
पैरों और त्वचा की सिलवटों में नमी न रहने दें।
गीले मोजे और जूते दोबारा इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह सुखाएं।
ढीले और साफ सूती कपड़े पहनें।
खुजली या चकत्ते को बार-बार न खुजलाएं।
बॉक्स
दो दिन की छुट्टी के बाद उमड़ी मरीजों की भीड़
शनिवार और रविवार दो दिनों की छुट्टी के बाद मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ उमड़ी। सुबह से मरीज कतारों में लगकर ओपीडी पर्ची बनाई। दोपहर 2 बजे तक करीब 1300 ओपीडी पर्ची बन चुकी थीं। त्वचा ओपीडी में 150, गायनी में 150, हड्डी रोग विभाग में 130 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच हुई। वहीं, ईएनटी में 115, मेडिसिन में 220 ओपीडी पर्ची बनाई जा चुकी थीं।
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कोट
मानसून में त्वचा को सूखा और साफ रखना संक्रमण से बचाव का सबसे अहम तरीका है। समय पर उपचार मिलने से समस्या को बढ़ने और बार-बार होने से रोका जा सकता है।- डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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उमस और नमी से संक्रमण व एलर्जी का खतरा, त्वचा ओपीडी में 160 पार पहुंचे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की त्वचा पर भी देखने को मिल रहा है। धूप और बारिश के बीच बढ़ी उमस के कारण त्वचा संबंधी एलर्जी और खुजली की शिकायतें बढ़ गई हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर एवं अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में करीब 130 से 140 मरीज पहुंचते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह संख्या बढ़कर 160 के पार पहुंच गई है।
चिकित्सकों के अनुसार मरीजों में त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, एलर्जी और अन्य तरह की त्वचा संबंधी परेशानियां सामने आ रही हैं। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने और उमस के कारण त्वचा पर संक्रमण व एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है। वहीं, तेज धूप में अधिक समय बिताने से भी त्वचा प्रभावित होती है। ऐसे में चिकित्सकों की ओर से लोगों को त्वचा को साफ और सूखा रखने के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
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त्वचा रोगों से बचाव के उपाय
बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलें।
रोजाना स्नान करें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं।
पैरों और त्वचा की सिलवटों में नमी न रहने दें।
गीले मोजे और जूते दोबारा इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह सुखाएं।
ढीले और साफ सूती कपड़े पहनें।
खुजली या चकत्ते को बार-बार न खुजलाएं।
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दो दिन की छुट्टी के बाद उमड़ी मरीजों की भीड़
शनिवार और रविवार दो दिनों की छुट्टी के बाद मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ उमड़ी। सुबह से मरीज कतारों में लगकर ओपीडी पर्ची बनाई। दोपहर 2 बजे तक करीब 1300 ओपीडी पर्ची बन चुकी थीं। त्वचा ओपीडी में 150, गायनी में 150, हड्डी रोग विभाग में 130 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच हुई। वहीं, ईएनटी में 115, मेडिसिन में 220 ओपीडी पर्ची बनाई जा चुकी थीं।
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मानसून में त्वचा को सूखा और साफ रखना संक्रमण से बचाव का सबसे अहम तरीका है। समय पर उपचार मिलने से समस्या को बढ़ने और बार-बार होने से रोका जा सकता है।- डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर