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Hamirpur (Himachal) News: नशा, दिखावे की अंधी दौड़ में से टूट रही रिश्तों की डोर और मानवता
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 16 Apr 2026 01:26 AM IST
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चेतना शर्मा, विशेष स्कूल संचालक।
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हमीरपुर। देवभूमि हिमाचल में अब रिश्तों की गर्माहट ठंडी पड़ती नजर आ रही है। नशे की बढ़ती लत, लग्जरी जीवनशैली की अंधी दौड़ और सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव लोगों के व्यवहार को इस कदर बदल रहा है कि अपने ही अपनों के खिलाफ खड़े होते दिखाई दे रहे हैं।
हमीरपुर जिले में बीते एक वर्ष के भीतर सामने आए तीन सनसनीखेज मामलों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि बदलती जीवनशैली और आसान पैसे की चाह ने नैतिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंचाई है।
भोरंज क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना में पैसे के लिए बेटे द्वारा अपनी ही मां की हत्या कर दी गई। वहीं, नशे के मात्र 40 रुपये को लेकर एक मजदूर ने अपने ही साथी की जान ले ली। इसी तरह हमीरपुर में एक किशोर द्वारा महिला से दुष्कर्म के प्रयास की घटना ने भी समाज में बढ़ती विकृत मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोर अवस्था में मोबाइल और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, दिखावे की संस्कृति तथा नशे की आसान उपलब्धता युवाओं को गलत दिशा में धकेल रही है। कम मेहनत में अधिक पाने की इच्छा, धैर्य की कमी और परिवारिक संवाद का अभाव भी इन घटनाओं के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।
ये घटनाएं केवल अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। यदि समय रहते परिवार, शिक्षा प्रणाली और समाज ने मिलकर युवाओं को सही दिशा नहीं दी, तो आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
केस एक
26 दिसंबर 2024 को भोरंज में एक मजदूर ने मात्र 40 रुपये के लिए अपने ही साथी की हत्या कर दी। आरोपी नशे का आदी था और पैसों की कमी के चलते उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। घटना सम्मूताल में हुई थी। मारपीट के दौरान संदीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था। छह दिन के बाद संदीप ने एम्स बिलासपुर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
केस दो
17 सितंबर 2025 को बैलग में पूर्व सैनिक की पत्नी सोमलता (52) की हत्या उसके बेटे ने की। चंडीगढ़ में अपनी लग्जरी लाइफ के लिए पैसे के लेन-देन के लिए मां और बेटे में कहासुनी हुई थी। बेटे अभय कुमार ने पैसे के लिए महिला के सिर पर वार किया। उसके बाद महिला ने दम तोड़ दिया। हालांकि बेटे ने झूठी कहानी गढ़ी थी, लेकिन पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने गुनाह कबूल किया।
केस तीन
थाना सदर के तहत सासन में नाबालिग लड़के ने खेतों से घास लाने गई रंजना कुमारी पर हमला कर दिया था। घटना के पांच दिन बाद नौ नंवबर 2025 को महिला ने पीजीआई में दम तोड़ दिया था। रंजना देवी हत्याकांड में नाबालिग ऊना स्थित बाल सुधार गृह में हैं। इस नाबालिग ने महिला से रेप का प्रयास किया था। आरोपी को कुछ दिन पहले ही अभिभावकों से मोबाइल मिला था। वहीं, दूसरे मामलों के आरोपी जेल में है।
कोट्स:
इस तरह के मामले चिंताजनक हैं। खासकर महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिएं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। -रीता शास्त्री, महिला प्रमुख, सर्वजन कल्याण सभा
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध यह दर्शाते हैं कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में नैतिक और सामाजिक मूल्यों का पर्याप्त समावेश नहीं हो पा रहा है। हमें ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है, जो बचपन से ही बच्चों में सम्मान, सहानुभूति और लैंगिक समानता की भावना विकसित करे। -मंजरी वी महाजन, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, भलेठ
नशे की रोकथाम के साथ महिलाओं का जागरूक होना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। पढ़ाई के साथ-साथ कानूनी जागरूकता और महिलाओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भी शिक्षा का अहम हिस्सा होना चाहिए। जब परिवार, स्कूल और समाज मिलकर बच्चों को एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना सिखाएंगे, तभी हम ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने की दिशा में वास्तविक परिवर्तन ला पाएंगे। -चेतना शर्मा, विशेष स्कूल संचालक
कानून व्यवस्था की ढील के कारण प्रदेश में अपराध बढ़ता जा रहा है। संविधान के अनुसार बनाए गए कानून के अनुसार तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अपराधी को सजा मिल सके। सामाजिक जागरूकता से ही अपराध को रोका जा सकता है। -नीलम ठाकुर, अधिवक्ता
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हमीरपुर जिले में बीते एक वर्ष के भीतर सामने आए तीन सनसनीखेज मामलों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि बदलती जीवनशैली और आसान पैसे की चाह ने नैतिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंचाई है।
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भोरंज क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना में पैसे के लिए बेटे द्वारा अपनी ही मां की हत्या कर दी गई। वहीं, नशे के मात्र 40 रुपये को लेकर एक मजदूर ने अपने ही साथी की जान ले ली। इसी तरह हमीरपुर में एक किशोर द्वारा महिला से दुष्कर्म के प्रयास की घटना ने भी समाज में बढ़ती विकृत मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोर अवस्था में मोबाइल और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, दिखावे की संस्कृति तथा नशे की आसान उपलब्धता युवाओं को गलत दिशा में धकेल रही है। कम मेहनत में अधिक पाने की इच्छा, धैर्य की कमी और परिवारिक संवाद का अभाव भी इन घटनाओं के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।
ये घटनाएं केवल अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। यदि समय रहते परिवार, शिक्षा प्रणाली और समाज ने मिलकर युवाओं को सही दिशा नहीं दी, तो आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
केस एक
26 दिसंबर 2024 को भोरंज में एक मजदूर ने मात्र 40 रुपये के लिए अपने ही साथी की हत्या कर दी। आरोपी नशे का आदी था और पैसों की कमी के चलते उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। घटना सम्मूताल में हुई थी। मारपीट के दौरान संदीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था। छह दिन के बाद संदीप ने एम्स बिलासपुर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
केस दो
17 सितंबर 2025 को बैलग में पूर्व सैनिक की पत्नी सोमलता (52) की हत्या उसके बेटे ने की। चंडीगढ़ में अपनी लग्जरी लाइफ के लिए पैसे के लेन-देन के लिए मां और बेटे में कहासुनी हुई थी। बेटे अभय कुमार ने पैसे के लिए महिला के सिर पर वार किया। उसके बाद महिला ने दम तोड़ दिया। हालांकि बेटे ने झूठी कहानी गढ़ी थी, लेकिन पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने गुनाह कबूल किया।
केस तीन
थाना सदर के तहत सासन में नाबालिग लड़के ने खेतों से घास लाने गई रंजना कुमारी पर हमला कर दिया था। घटना के पांच दिन बाद नौ नंवबर 2025 को महिला ने पीजीआई में दम तोड़ दिया था। रंजना देवी हत्याकांड में नाबालिग ऊना स्थित बाल सुधार गृह में हैं। इस नाबालिग ने महिला से रेप का प्रयास किया था। आरोपी को कुछ दिन पहले ही अभिभावकों से मोबाइल मिला था। वहीं, दूसरे मामलों के आरोपी जेल में है।
कोट्स:
इस तरह के मामले चिंताजनक हैं। खासकर महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिएं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। -रीता शास्त्री, महिला प्रमुख, सर्वजन कल्याण सभा
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध यह दर्शाते हैं कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में नैतिक और सामाजिक मूल्यों का पर्याप्त समावेश नहीं हो पा रहा है। हमें ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है, जो बचपन से ही बच्चों में सम्मान, सहानुभूति और लैंगिक समानता की भावना विकसित करे। -मंजरी वी महाजन, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, भलेठ
नशे की रोकथाम के साथ महिलाओं का जागरूक होना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। पढ़ाई के साथ-साथ कानूनी जागरूकता और महिलाओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भी शिक्षा का अहम हिस्सा होना चाहिए। जब परिवार, स्कूल और समाज मिलकर बच्चों को एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना सिखाएंगे, तभी हम ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने की दिशा में वास्तविक परिवर्तन ला पाएंगे। -चेतना शर्मा, विशेष स्कूल संचालक
कानून व्यवस्था की ढील के कारण प्रदेश में अपराध बढ़ता जा रहा है। संविधान के अनुसार बनाए गए कानून के अनुसार तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अपराधी को सजा मिल सके। सामाजिक जागरूकता से ही अपराध को रोका जा सकता है। -नीलम ठाकुर, अधिवक्ता

चेतना शर्मा, विशेष स्कूल संचालक।

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