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Hamirpur (Himachal) News: भेड़-बकरियों को पीपीआर से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:28 AM IST
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हमीरपुर। जिले में भेड़-बकरियों में फैलने वाली खतरनाक बीमारी पीपीआर (पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स) से बचाव के लिए पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान अगले 45 दिन तक चलाया जाएगा। इसके तहत भेड़ और बकरियों को मुफ्त टीके लगाए जाएंगे।
पशुपालन विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए 10,568 टीकों की डोज विभिन्न पशु चिकित्सालयों को भेज दी है। यहां से यह टीके डिस्पेंसरियों को भेजे जा रहे हैं। इसके बाद विभागीय टीमें गांव-गांव जाकर पशुपालकों की भेड़-बकरियों का टीकाकरण करेंगी।
11 मार्च से जिले में अभियान की शुरुआत हुई है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से आग्रह किया है कि जब टीम गांव में पहुंचे तो अपने पशुओं को टीकाकरण के लिए अवश्य उपलब्ध कराएं। इससे इस बीमारी से समय रहते बचाव किया जा सके। पशुपालन विभाग का लक्ष्य है कि एक भी भेड़-बकरी टीकाकरण से वंचित न रहें।
बॉक्स
संक्रामक पशु रोग है पीपीआर
पीपीआर को भेड़ और बकरी प्लेग के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अत्यधिक संक्रामक पशु रोग है, जो घरेलू और जंगली छोटे जुगाली करने वाले जानवरों को प्रभावित करता है। यह रोग पैरामिक्सोविरिडे परिवार के मोरबिलिविरस जीनस से संबंधित एक वायरस के कारण होता है। एक बार शरीर में प्रवेश करने पर, यह वायरस किसी भी झुंड के 90 प्रतिशत तक पशुओं को संक्रमित कर सकता है। इस रोग से संक्रमित पशुओं में से 70 प्रतिशत तक की मृत्यु हो जाती है। पीपीआर वायरस मनुष्यों को संक्रमित नहीं करता है।
कोट
पीपीआर से बचाव के लिए जिले में भेड़-बकरियों का टीकाकरण शुरू किया है। 45 दिनों तक टीकाकरण कार्यक्रम चलेगा। पशुपालकों से भी आग्रह है कि वह भेड़-बकरियों को टीके लगवाएं। -सतीश कपूर, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर
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पशुपालन विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए 10,568 टीकों की डोज विभिन्न पशु चिकित्सालयों को भेज दी है। यहां से यह टीके डिस्पेंसरियों को भेजे जा रहे हैं। इसके बाद विभागीय टीमें गांव-गांव जाकर पशुपालकों की भेड़-बकरियों का टीकाकरण करेंगी।
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11 मार्च से जिले में अभियान की शुरुआत हुई है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से आग्रह किया है कि जब टीम गांव में पहुंचे तो अपने पशुओं को टीकाकरण के लिए अवश्य उपलब्ध कराएं। इससे इस बीमारी से समय रहते बचाव किया जा सके। पशुपालन विभाग का लक्ष्य है कि एक भी भेड़-बकरी टीकाकरण से वंचित न रहें।
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संक्रामक पशु रोग है पीपीआर
पीपीआर को भेड़ और बकरी प्लेग के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अत्यधिक संक्रामक पशु रोग है, जो घरेलू और जंगली छोटे जुगाली करने वाले जानवरों को प्रभावित करता है। यह रोग पैरामिक्सोविरिडे परिवार के मोरबिलिविरस जीनस से संबंधित एक वायरस के कारण होता है। एक बार शरीर में प्रवेश करने पर, यह वायरस किसी भी झुंड के 90 प्रतिशत तक पशुओं को संक्रमित कर सकता है। इस रोग से संक्रमित पशुओं में से 70 प्रतिशत तक की मृत्यु हो जाती है। पीपीआर वायरस मनुष्यों को संक्रमित नहीं करता है।
कोट
पीपीआर से बचाव के लिए जिले में भेड़-बकरियों का टीकाकरण शुरू किया है। 45 दिनों तक टीकाकरण कार्यक्रम चलेगा। पशुपालकों से भी आग्रह है कि वह भेड़-बकरियों को टीके लगवाएं। -सतीश कपूर, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर