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Hamirpur (Himachal) News: नई व्यवस्था से कांगड़ा में बीपीएल में शामिल होंगे 2000 से अधिक परिवार
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मनरेगा में 80 दिन दिहाड़ी लगाने वालों को बीपीएल में शामिल करने की हुई है व्यवस्था
कांगड़ा में वर्ष 2025-26 में 1851 परिवार हासिल कर चुके हैं 100 दिन का रोजगार
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। बीपीएल चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में 80 दिन या उससे अधिक रोजगार हासिल करने वाले परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। इस बदलाव से कांगड़ा जिले में 2000 से अधिक परिवारों के बीपीएल सूची में शामिल होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025–26 के दौरान कांगड़ा जिले में 1851 परिवार मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार हासिल कर चुके हैं। संशोधित नियम लागू होने से ये परिवार अब बीपीएल चयन के दायरे में आ गए हैं, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
कांगड़ा जिले के विभिन्न विकास खंडों में बड़ी संख्या में परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूरा किया है। इनमें बड़ोह विकास खंड में 23, बैजनाथ में 160, भवारना में 94, देहरागोपीपुर में 14, धर्मशाला में 41, फतेहपुर में 122, इंदौरा में 60, कांगड़ा में 75, लंबागांव में 54, नगरोटा बगवां में 114, नगरोटा सूरियां में 58, नूरपुर में 144, पालमपुर में 225, पंचरुखी में 146, परागपुर में 95, रैत में 224, सुलह में 152 और सुरानी विकास खंड में 50 परिवार शामिल हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार नई चयन प्रक्रिया से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान अधिक सटीक ढंग से हो सकेगी। बीपीएल सूची में नाम शामिल होने के बाद इन परिवारों को खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मेहनत और श्रम करने के बावजूद वे बीपीएल सूची से बाहर थे, लेकिन अब नई व्यवस्था से उन्हें सरकारी योजनाओं से जुड़ने का वास्तविक अवसर मिलेगा। वहीं इस संदर्भ में जिला ग्रामीण विकास अधिकारी भानू प्रताप ने बताया कि बीपीएल चयन के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें कुछ नए संशोधनों के साथ बीपीएल सूची में लोगों शामिल किया जा रहा है।
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धर्मशाला। बीपीएल चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में 80 दिन या उससे अधिक रोजगार हासिल करने वाले परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। इस बदलाव से कांगड़ा जिले में 2000 से अधिक परिवारों के बीपीएल सूची में शामिल होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025–26 के दौरान कांगड़ा जिले में 1851 परिवार मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार हासिल कर चुके हैं। संशोधित नियम लागू होने से ये परिवार अब बीपीएल चयन के दायरे में आ गए हैं, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
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कांगड़ा जिले के विभिन्न विकास खंडों में बड़ी संख्या में परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूरा किया है। इनमें बड़ोह विकास खंड में 23, बैजनाथ में 160, भवारना में 94, देहरागोपीपुर में 14, धर्मशाला में 41, फतेहपुर में 122, इंदौरा में 60, कांगड़ा में 75, लंबागांव में 54, नगरोटा बगवां में 114, नगरोटा सूरियां में 58, नूरपुर में 144, पालमपुर में 225, पंचरुखी में 146, परागपुर में 95, रैत में 224, सुलह में 152 और सुरानी विकास खंड में 50 परिवार शामिल हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार नई चयन प्रक्रिया से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान अधिक सटीक ढंग से हो सकेगी। बीपीएल सूची में नाम शामिल होने के बाद इन परिवारों को खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मेहनत और श्रम करने के बावजूद वे बीपीएल सूची से बाहर थे, लेकिन अब नई व्यवस्था से उन्हें सरकारी योजनाओं से जुड़ने का वास्तविक अवसर मिलेगा। वहीं इस संदर्भ में जिला ग्रामीण विकास अधिकारी भानू प्रताप ने बताया कि बीपीएल चयन के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें कुछ नए संशोधनों के साथ बीपीएल सूची में लोगों शामिल किया जा रहा है।
