{"_id":"69e916cd2d627129fa089d04","slug":"women-will-get-a-platform-indigenous-market-will-be-set-up-in-nit-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-191081-2026-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: महिलाओं को मिलेगा मंच, एनआईटी में सजेगा स्वदेशी बाजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: महिलाओं को मिलेगा मंच, एनआईटी में सजेगा स्वदेशी बाजार
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 24 Apr 2026 12:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में अब हर बड़े कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी उत्पादों की झलक देखने को मिलेगी। आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिसर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों के स्टॉल लगाने का अवसर दिया जाएगा।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की ओर से इस पहल के तहत एनआईटी प्रबंधन को 12 स्वयं सहायता समूहों की सूची भेजी गई है। स्वीकृति के बाद ये समूह संस्थान में आयोजित होने वाले छोटे-बड़े कार्यक्रमों में अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकेंगे।
इससे पहले निबंस टेक फेस्ट के दौरान भी महिलाओं को स्टॉल लगाने का अवसर मिला था। उस दौरान हस्तशिल्प, घरेलू खाद्य उत्पाद, ऊनी वस्त्र और पारंपरिक वस्तुओं को अच्छा प्रतिसाद मिला। कई स्टॉलों पर उत्पाद पूरी तरह बिक गए, जिससे महिलाओं का उत्साह बढ़ा।
इसी अनुभव के आधार पर अब हर कार्यक्रम में महिलाओं को स्थायी रूप से स्टॉल लगाने का निर्णय लिया गया है। एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में देश-विदेश से आने वाले लोगों के बीच स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। इससे महिलाओं की आय बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय कला और परंपरा को भी बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं को मंच प्रदान करने के लिए 12 समूहों की सूची भेजी गई है। इसके माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री कर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगी। अस्मिता ठाकुर, उप निदेशक एवं सह परियोजना अधिकारी डीआरडीए
Trending Videos
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की ओर से इस पहल के तहत एनआईटी प्रबंधन को 12 स्वयं सहायता समूहों की सूची भेजी गई है। स्वीकृति के बाद ये समूह संस्थान में आयोजित होने वाले छोटे-बड़े कार्यक्रमों में अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले निबंस टेक फेस्ट के दौरान भी महिलाओं को स्टॉल लगाने का अवसर मिला था। उस दौरान हस्तशिल्प, घरेलू खाद्य उत्पाद, ऊनी वस्त्र और पारंपरिक वस्तुओं को अच्छा प्रतिसाद मिला। कई स्टॉलों पर उत्पाद पूरी तरह बिक गए, जिससे महिलाओं का उत्साह बढ़ा।
इसी अनुभव के आधार पर अब हर कार्यक्रम में महिलाओं को स्थायी रूप से स्टॉल लगाने का निर्णय लिया गया है। एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में देश-विदेश से आने वाले लोगों के बीच स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। इससे महिलाओं की आय बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय कला और परंपरा को भी बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं को मंच प्रदान करने के लिए 12 समूहों की सूची भेजी गई है। इसके माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री कर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगी। अस्मिता ठाकुर, उप निदेशक एवं सह परियोजना अधिकारी डीआरडीए

कमेंट
कमेंट X