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Hamirpur (Himachal) News: नए लेबर कोड निरस्त करने के लिए मजदूरों ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:32 AM IST
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गांधी चौक के पास नए लेबर कोड के विरोध में नारेबाजी करते मजदूर। स्रोत : संगठन
- फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। केंद्र सरकार के नए लेबर कोड को लागू करने के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय गांधी चौक में मजदूरों ने सीटू के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाया। इस दौरान मजदूरों ने जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
इससे पहले मजूदरों ने धौलासिद्ध पावर प्रोजेक्ट पर भी प्रदर्शन किया। मजदूर संगठनों का कहना है कि ये लेबर कोड मालिकों को फायदा पहुंचाने और मजदूरों को गुलाम बनाने के मकसद से बनाए गए हैं।
सीटू के महासचिव जोगिंद्र कुमार, अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि नए लेबर कोड में मालिकों द्वारा श्रम कानूनों को लागू न करने की स्थिति में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।
इसलिए मजदूर संगठन नए लेबर कोड का विरोध कर रहे हैं और इन्हें निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा ठेकेदारों को पचास से कम मजदूरों के लिए किसी भी तरह के लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी और ऐसी स्थिति में श्रम कानून भी लागू नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा को भी खत्म कर दिया है और उसके स्थान पर जी राम जी योजना लागू कर दी है। उन्होंने नए लेबर कोड निरस्त करने और मनरेगा को बहाल करने की मांग की।
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हमीरपुर। केंद्र सरकार के नए लेबर कोड को लागू करने के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय गांधी चौक में मजदूरों ने सीटू के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाया। इस दौरान मजदूरों ने जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
इससे पहले मजूदरों ने धौलासिद्ध पावर प्रोजेक्ट पर भी प्रदर्शन किया। मजदूर संगठनों का कहना है कि ये लेबर कोड मालिकों को फायदा पहुंचाने और मजदूरों को गुलाम बनाने के मकसद से बनाए गए हैं।
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सीटू के महासचिव जोगिंद्र कुमार, अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि नए लेबर कोड में मालिकों द्वारा श्रम कानूनों को लागू न करने की स्थिति में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।
इसलिए मजदूर संगठन नए लेबर कोड का विरोध कर रहे हैं और इन्हें निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा ठेकेदारों को पचास से कम मजदूरों के लिए किसी भी तरह के लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी और ऐसी स्थिति में श्रम कानून भी लागू नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा को भी खत्म कर दिया है और उसके स्थान पर जी राम जी योजना लागू कर दी है। उन्होंने नए लेबर कोड निरस्त करने और मनरेगा को बहाल करने की मांग की।