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HP Panchayat Election: चुनाव ड्यूटी में तैनात हजारों कर्मचारी नहीं डाल सकेंगे वोट, जानें पूरा मामला

सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 15 May 2026 05:00 AM IST
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सार

पंचायत चुनाव में लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए फील्ड में उतरे हजारों अधिकारी और कर्मचारी खुद मतदान से वंचित रहेंगे।

HP Panchayat Election Duty Strips Thousands of Employees of Their Right to Vote: Know the Full Story
हिमाचल पंचायत चुनाव 2026। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश में होने जा रहे पंचायत चुनाव में लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए फील्ड में उतरे हजारों अधिकारी और कर्मचारी खुद मतदान से वंचित रहेंगे। हिमाचल प्रदेश में 3758 पंचायतों, जिला परिषद के 251 वार्डों, पंचायत समिति के 1769 और 21739 वार्डों में तीन चरणों में चुनाव होने हैं। लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व को सफल बनाने के लिए लगभग 15 हजार सरकारी कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन अब विडंबना यह है कि इन्हीं कर्मचारियों में से हजारों अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। कारण सिर्फ इतना है कि उनकी ड्यूटी उनके अपने ब्लॉक से बाहर लगा दी गई है। क्योंकि पंचायत चुनावो में कई बार जीत-हार का अंतर महज एक-दो वोट तक सिमट जाता है।

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चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल

वहीं प्रदेश में भी इसको लेकर दर्जनों उदाहरण सामने आ चुके हैं, जहां एक वोट ने प्रधान और उपप्रधान की कुर्सी तय की। ऐसे में चुनाव करवाने वाले कर्मचारियों का खुद वोट न डाल पाना अब चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कभी चुनाव ड्यूटी से इन्कार नहीं किया। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए वे पूरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन को भी उनकी लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। कर्मचारियों का तर्क है कि यदि उनकी ड्यूटी उनके ही ब्लॉक में लगाई जाती तो वह मतदान कर सकते थे। ऐसे में अब तक व्यवस्था न होने के कारण अब कर्मचारियों ने नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वह वह पूरे दिन मतदान प्रक्रिया संभालेंगे, लेकिन खुद ही वोट नहीं डाल पाएंगे। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है? उधर, दूसरी ओर पंचायती राज विभाग का कहना है कि इस बारे में राज्य निर्वाचन आयोग ही स्थिति स्पष्ट कर सकता है।

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चुनाव ड्यूटी में जाने वाले कर्मचारी नहीं दे पाएंगे वोट

राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने बताया कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, वह वोट नहीं दे सकेंगे। कर्मचारी वोट दें, इसे लेकर अधिकारियों के साथ बैठकें हुईं। लेकिन आयोग नतीजे तक नहीं पहुंच पाया है। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में 1300 पोलिंग पार्टियां बनाई गई हैं। एक पार्टी में 6 अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस और होमगार्ड के जवान अलग से हैं।

पंचायतों में चुनाव से ज्यादा सहमति पर जोर

 पंचायतीराज चुनावों में इस बार मुकाबले से ज्यादा सहमति की चर्चा हो रही है। सरकार की ओर से निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने के बाद गांव-गांव में सर्वसम्मति से पंचायत चुनने के प्रयास तेज हो गए हैं। सोशल मीडिया से लेकर घर-घर संपर्क तक, लोगों से नामांकन वापस लेने और सहमति बनाने की अपील की जा रही है। ठियोग की जैस पंचायत से उपप्रधान पद के प्रत्याशी ओम प्रकाश हेट्टा, हमीरपुर की समीरपुर पंचायत से उपप्रधान पद के प्रत्याशी अश्वनी गथानिया और ठियोग की शद्दी जोधपुर पंचायत से प्रधान की प्रत्याशी शशि खाची सहित अन्य प्रत्याशी सोशल मीडिया से पंचायतों को निर्विरोध चुनने का आह्वान कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा से गांवों में खींचतान बढ़ती है, जबकि सर्वसम्मति से पंचायत बनने पर भाईचारा मजबूत रहता है। विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी मिलती है। इस बार सरकार ने निर्विरोध पंचायतों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये की है। कई गांवों में उम्मीदवारों के बीच बैठकों का दौर चल रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर पर्ची डालकर सर्वसम्मति से प्रत्याशी तय करने की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि कई लोग इसे लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा के लिए नुकसानदायक भी मान रहे हैं।
 

चुनावी मौसम में शराब सिंडिकेट सक्रिय

 पंचायत और नगर निकाय चुनाव के बीच प्रदेश में अवैध शराब की सप्लाई बढ़ने लगी है। मतदाताओं को प्रलोभन देने की आशंका के चलते पुलिस और प्रशासन ने राज्यभर में निगरानी कड़ी कर दी है। नाकेबंदी, रातभर छापेमारी और सीमा क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार चुनाव के दौरान सक्रिय हुए कथित शराब सिंडिकेट पर शिकंजा कसने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। कई जिलों में बड़ी मात्रा में शराब बरामद की जा रही है। शिमला के देहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 30 पेटी अवैध शराब पकड़ी है। वहीं बिलासपुर में 150 पेटी बीयर की खेप बरामद की गई। सिरमौर के कालाअंब क्षेत्र में हरियाणा मार्का अवैध शराब पकड़े जाने के बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क की जांच भी शुरू कर दी है। 

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