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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Jairam Thakur: if the date for the Shimla Zila Parishad election is not finalized within two days, they will m

Shimla: जयराम ठाकुर बोले- यदि दो दिन में शिमला जिला परिषद चुनाव की तारीख तय नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे

Sat, 08 Aug 2026 01:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 08 Aug 2026 01:38 PM IST
सार

शिमला में प्रेस वार्ता करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष ने कहा कि डीसी शिमला कांग्रेस के एजेंट के तौर पर कार्य कर रहे हैं। डीसी ऑफिस शिमला को डीसीसी (जिला कांग्रेस कमेटी) का कार्यालय बना दिया गया है। 

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Jairam Thakur: if the date for the Shimla Zila Parishad election is not finalized within two days, they will m
पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर । - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि यदि शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव दो दिन में नहीं कराए गए तो भाजपा हाईकोर्ट से लेकर सड़क तक हर लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि उपायुक्त कार्यालय किसी राजनीतिक दल का दफ्तर नहीं बन सकता। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई दिनों से वे स्वयं उपायुक्त शिमला से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बात तक करने का समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का दायित्व संविधान और कानून के अनुसार काम करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के हितों की रक्षा करना।

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शनिवार को शिमला में प्रेस वार्ता करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सरकार जिला परिषदों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव कराने से बच रही है। प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और चुने हुए प्रतिनिधियों के अधिकारों को जानबूझकर रोका जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के नतीजों ने साफ संकेत दे दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार से नाराज है। यही वजह है कि सरकार चुनावी प्रक्रियाओं को बाधित करने और जनादेश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
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उन्होंने कहा कि 12 में से 10 जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव पूरे हो चुके हैं और इनमें से 9 जिलों में कांग्रेस अपने उम्मीदवार तक खड़े नहीं कर सकी। भाजपा समर्थित उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। उन्होंने कहा कि हाल ही में उच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट किया है कि किसी अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया अनिश्चितकाल तक टालने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद शिमला जिला परिषद में चुनाव की तिथि घोषित नहीं की जा रही। नेता विपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया तो भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो उपायुक्त कार्यालय के बाहर लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यदि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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राजनीतिक प्रतिशोध का सहारा ले रही सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक मुकाबले में असफल होने के बाद पुलिस और प्रशासन के माध्यम से विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी दबाव या मुकदमे से पीछे हटने वाली नहीं है और संवैधानिक दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाती रहेगी।

 

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