{"_id":"6a1c962d3dda50d13b0d82cd","slug":"90-new-electric-buses-reach-himachal-kangra-news-c-95-1-kng1037-237082-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: हिमाचल पहुंचीं 90 नई इलेक्ट्रिक बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: हिमाचल पहुंचीं 90 नई इलेक्ट्रिक बसें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
धर्मशाला। प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को 90 इलेक्ट्रिक बसों की पहली खेप मिल गई है। आने वाले समय में 297 और ई-बसें प्रदेश में पहुंचने वाली हैं, जिससे विभिन्न बस डिपो में लंबे समय से चल रही बसों की कमी काफी हद तक दूर हो सकेगी।
नई ई-बसों का आवंटन प्रत्येक डिपो की जरूरत और यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखकर किया जाएगा। जिन डिपो में बसों की कमी अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई बसें भेजी जाएंगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि ई-बसों के संचालन से न केवल यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
डीजल बसों की तुलना में ई-बसें प्रदूषण कम करती हैं और संचालन लागत भी अपेक्षाकृत कम रहती है। नई बसों के बेड़े में शामिल होने से एचआरटीसी की परिवहन सेवाएं और मजबूत होंगी। साथ ही कई रूटों पर बसों की उपलब्धता बढ़ने से यात्रियों को समय पर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
90 ई-बसाें की पहली खेप प्रदेश में पहुंच चुकी है और जल्द ही दूसरी खेप भी पहुंचने वाली है। प्रदेश में 297 ई-बसें आएंगी। हर बस डिपो को उसकी क्षमता के अनुसार बसें वितरित की जाएंगी। ई-बसों के आने से प्रदेश में बसों की किल्लत दूर होगी और इससे आम जनता को भी लाभ मिलेगा। -अजय वर्मा, उपाध्यक्ष एचआरटीसी
नई ई-बसों का आवंटन प्रत्येक डिपो की जरूरत और यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखकर किया जाएगा। जिन डिपो में बसों की कमी अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई बसें भेजी जाएंगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि ई-बसों के संचालन से न केवल यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीजल बसों की तुलना में ई-बसें प्रदूषण कम करती हैं और संचालन लागत भी अपेक्षाकृत कम रहती है। नई बसों के बेड़े में शामिल होने से एचआरटीसी की परिवहन सेवाएं और मजबूत होंगी। साथ ही कई रूटों पर बसों की उपलब्धता बढ़ने से यात्रियों को समय पर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
Trending Videos
90 ई-बसाें की पहली खेप प्रदेश में पहुंच चुकी है और जल्द ही दूसरी खेप भी पहुंचने वाली है। प्रदेश में 297 ई-बसें आएंगी। हर बस डिपो को उसकी क्षमता के अनुसार बसें वितरित की जाएंगी। ई-बसों के आने से प्रदेश में बसों की किल्लत दूर होगी और इससे आम जनता को भी लाभ मिलेगा। -अजय वर्मा, उपाध्यक्ष एचआरटीसी