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Kangra News: क्रूरता के आरोप और परित्याग साबित, 10 वर्ष के बाद वैवाहिक रिश्ता समाप्त
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धर्मशाला। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय देहरा सपना पांडेय की अदालत ने पति की तलाक याचिका पर विवाह विच्छेद (तलाक) की डिक्री पारित कर दी है। अदालत ने अपने फैसले में माना कि पत्नी की ओर से की गई कथित क्रूरता और बिना किसी उचित कारण के घर छोड़कर चले जाना हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक का पर्याप्त आधार है।
मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी के उपस्थित न होने पर अदालत ने उसे एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) घोषित कर यह निर्णय सुनाया। याचिकाकर्ता तहसील खुंडियां निवासी पति ने अदालत में बताया था कि उसकी शादी 14 जनवरी 2016 को पंजाब में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। पति का आरोप था कि शादी के बाद से ही पत्नी कई बार बिना बताए घर छोड़कर चली जाती थी। वर्ष 2019 में भी वह घर छोड़कर चली गई थी, जिसे बाद में पुलिस थाना खुंडियां में समझौते के बाद वापस लाया गया था।
पति ने याचिका में यह भी आरोप लगाया कि पत्नी अक्सर कहती थी कि यह विवाह उसकी इच्छा के विरुद्ध हुआ है। पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने और दोनों को एक कमरे में पकड़े जाने की बात भी कही गई। इसकी जानकारी बाद में पंचायत के समक्ष भी आई थी। याचिका के अनुसार पत्नी ने पति के साथ मारपीट करने और जान से मारने का प्रयास करने के बाद फरवरी 2024 में पूरी तरह से वैवाहिक घर छोड़ दिया और मायके चली गई, जिसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटी।
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अदालत ने कहा कि पति की ओर से प्रस्तुत गवाहों, पंचायत प्रधान के बयानों और अन्य दस्तावेजों का पत्नी या उसके पक्ष की ओर से कोई खंडन नहीं किया गया। साक्ष्यों से यह पूरी तरह सिद्ध होता है कि पत्नी का व्यवहार पति के प्रति अत्यधिक क्रूरतापूर्ण था और उसने बिना किसी वाजिब वजह के वैवाहिक संबंधों का परित्याग किया। दोनों के बीच वैवाहिक संबंध पूरी तरह टूट चुके हैं और भविष्य में साथ रहने की कोई गुंजाइश नहीं बची है, जिसके आधार पर विवाह समाप्त करने के आदेश जारी किए गए।
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मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी के उपस्थित न होने पर अदालत ने उसे एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) घोषित कर यह निर्णय सुनाया। याचिकाकर्ता तहसील खुंडियां निवासी पति ने अदालत में बताया था कि उसकी शादी 14 जनवरी 2016 को पंजाब में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। पति का आरोप था कि शादी के बाद से ही पत्नी कई बार बिना बताए घर छोड़कर चली जाती थी। वर्ष 2019 में भी वह घर छोड़कर चली गई थी, जिसे बाद में पुलिस थाना खुंडियां में समझौते के बाद वापस लाया गया था।
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पति ने याचिका में यह भी आरोप लगाया कि पत्नी अक्सर कहती थी कि यह विवाह उसकी इच्छा के विरुद्ध हुआ है। पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने और दोनों को एक कमरे में पकड़े जाने की बात भी कही गई। इसकी जानकारी बाद में पंचायत के समक्ष भी आई थी। याचिका के अनुसार पत्नी ने पति के साथ मारपीट करने और जान से मारने का प्रयास करने के बाद फरवरी 2024 में पूरी तरह से वैवाहिक घर छोड़ दिया और मायके चली गई, जिसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटी।
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अदालत ने कहा कि पति की ओर से प्रस्तुत गवाहों, पंचायत प्रधान के बयानों और अन्य दस्तावेजों का पत्नी या उसके पक्ष की ओर से कोई खंडन नहीं किया गया। साक्ष्यों से यह पूरी तरह सिद्ध होता है कि पत्नी का व्यवहार पति के प्रति अत्यधिक क्रूरतापूर्ण था और उसने बिना किसी वाजिब वजह के वैवाहिक संबंधों का परित्याग किया। दोनों के बीच वैवाहिक संबंध पूरी तरह टूट चुके हैं और भविष्य में साथ रहने की कोई गुंजाइश नहीं बची है, जिसके आधार पर विवाह समाप्त करने के आदेश जारी किए गए।