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Kangra News: स्टांप पेपर की बिक्री में ओवरचार्जिंग के आरोप
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धर्मशाला। तहसील कार्यालय धर्मशाला में सरकारी स्टांप पेपर और न्यायिक कागजों (ज्यूडिशियल पेपर) की बिक्री में ओवरचार्जिंग के आरोप लगे हैं। आरोप है कि कुछ स्टांप विक्रेता सरकार द्वारा निर्धारित दरों को ताक पर रखकर आम जनता से मनमानी वसूली कर रहे हैं। तपोवन रोड सिद्धबाड़ी निवासी डॉ. रमेश कुमार कौंडल ने इसके खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई है।
डॉ. रमेश ने कहा कि बीती 23 मार्च को वह तहसील धर्मशाला में एक स्टांप विक्रेता के पास पेपर खरीदने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विक्रेता ने 50 रुपये वाले स्टांप पेपर के लिए 70 रुपये और 2 रुपये वाले न्यायिक कागज के लिए 5 रुपये (पांच पेपर के 25 रुपये) वसूले। इस तरह 60 रुपये के सरकारी दस्तावेजों के बदले उनसे 95 रुपये झटक लिए गए। जब उन्होंने इस लूट का विरोध किया, तो विक्रेता ने अतिरिक्त राशि को स्टेशनरी और प्रिंटिंग खर्च बताकर पल्ला झाड़ लिया।
पीड़ित ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी स्टांप विक्रेताओं को अपने काउंटर पर सरकार द्वारा निर्धारित रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ऐसे विक्रेताओं का लाइसेंस रद्द किया जाए जो सरकारी नियमों का उल्लंघन कर जनता की जेब काट रहे हैं। उधर, तहसीलदार धर्मशाला गिरिराज ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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डॉ. रमेश ने कहा कि बीती 23 मार्च को वह तहसील धर्मशाला में एक स्टांप विक्रेता के पास पेपर खरीदने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विक्रेता ने 50 रुपये वाले स्टांप पेपर के लिए 70 रुपये और 2 रुपये वाले न्यायिक कागज के लिए 5 रुपये (पांच पेपर के 25 रुपये) वसूले। इस तरह 60 रुपये के सरकारी दस्तावेजों के बदले उनसे 95 रुपये झटक लिए गए। जब उन्होंने इस लूट का विरोध किया, तो विक्रेता ने अतिरिक्त राशि को स्टेशनरी और प्रिंटिंग खर्च बताकर पल्ला झाड़ लिया।
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पीड़ित ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी स्टांप विक्रेताओं को अपने काउंटर पर सरकार द्वारा निर्धारित रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ऐसे विक्रेताओं का लाइसेंस रद्द किया जाए जो सरकारी नियमों का उल्लंघन कर जनता की जेब काट रहे हैं। उधर, तहसीलदार धर्मशाला गिरिराज ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
