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Kangra News: नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी को चार साल का कठोर कारावास
Tue, 07 Jul 2026 07:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 07 Jul 2026 07:42 AM IST
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धर्मशाला। नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अदालत (पॉक्सो) एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय लक्ष्मी की अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
पुलिस थाना देहरा में दर्ज मामले के अनुसार दोषी मनीष कुमार (निवासी गांव अंगारी, जिला भागलपुर, बिहार) के खिलाफ अगस्त 2024 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि 22 जुलाई 2024 को मनीष कुमार परिवार सहित क्षेत्र में मजदूरी करने आया था। उसकी 16 वर्षीय बेटी 25 अगस्त 2024 को अचानक लापता हो गई थी।
जांच में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मजदूरी के दौरान उसकी पहचान मनीष से हुई थी। आरोपी ने शादी का झांसा देकर 20 अगस्त 2024 को उसे अपने साथ दिल्ली ले गया। वहां से दोनों ट्रेन से जयपुर पहुंचे, जहां करीब सात से आठ दिन तक रहे। इस दौरान आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी उसे देहरा छोड़ गया था।
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मामले के ट्रायल के दौरान उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की और अदालत में 28 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी मनीष को पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत चार वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना और बीएनएस की धारा 137(2) के तहत तीन वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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पुलिस थाना देहरा में दर्ज मामले के अनुसार दोषी मनीष कुमार (निवासी गांव अंगारी, जिला भागलपुर, बिहार) के खिलाफ अगस्त 2024 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि 22 जुलाई 2024 को मनीष कुमार परिवार सहित क्षेत्र में मजदूरी करने आया था। उसकी 16 वर्षीय बेटी 25 अगस्त 2024 को अचानक लापता हो गई थी।
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जांच में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मजदूरी के दौरान उसकी पहचान मनीष से हुई थी। आरोपी ने शादी का झांसा देकर 20 अगस्त 2024 को उसे अपने साथ दिल्ली ले गया। वहां से दोनों ट्रेन से जयपुर पहुंचे, जहां करीब सात से आठ दिन तक रहे। इस दौरान आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी उसे देहरा छोड़ गया था।
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मामले के ट्रायल के दौरान उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की और अदालत में 28 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी मनीष को पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत चार वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना और बीएनएस की धारा 137(2) के तहत तीन वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।