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बुजुर्ग पेंशनरों को 10 साल से एरियर न देना अन्याय : सेठी
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पालमपुर में विद्युत पेंशनर्स फोरम की बैठक में पेंशनरस्त्रोत आयोजक
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पालमपुर (कांगड़ा)। विद्युत पेंशनर्स फोरम के प्रदेश उपाध्यक्ष अमर नाथ सेठी ने कहा कि 65 से 70 वर्ष के बुजुर्ग पेंशनरों को पिछले 10 सालों से उनके हक का एरियर न देना घोर अन्याय है। विद्युत पेंशनर्स फोरम पालमपुर शाखा की बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन ने जल्द वरिष्ठ नागरिकों के करोड़ों रुपये का बकाया जारी नहीं किया तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
फोरम के प्रधान बीडी मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पेंशनरों की कई लंबित मांगों पर चर्चा की गई। अमर नाथ सेठी ने मांग की कि पेंशनरों का संशोधित वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लंबित एरियर तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा बुजुर्ग पेंशनरों को बकायों का भुगतान करने की घोषणा के बावजूद बोर्ड के अधिकारियों ने अभी तक इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, जिससे साफ है कि अधिकारी सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाकर उसकी किरकिरी करा रहे हैं।
बैठक में पेंशनरों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में वर्क चार्ज रहे कर्मचारियों को दिए गए लाभों को वापस लेने (रिकवरी) का तुगलकी फरमान जारी कर उनके हितों पर कुठाराघात किया गया है। इसके अलावा, बिजली मीटरों पर दी जाने वाली सब्सिडी में भी भेदभाव किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति है।
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पेंशनरों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों ने इस उम्मीद के साथ कांग्रेस का समर्थन किया था कि उनके सभी बकाए जल्द मिल जाएंगे। लेकिन साढ़े तीन वर्ष बीतने के बाद भी केवल आंशिक भुगतान ही हुआ है। अगर करोड़ों के बकाए तुरंत जारी नहीं किए गए तो आगामी चुनावों में सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हक न मिलने पर 60 से 85 वर्ष के वृद्ध वरिष्ठ नागरिक सड़कों पर उतरने की रणनीति बना रहे हैं। इस बैठक को फोरम के सदस्य धर्म चंद, संतोष सरोत्री और शशि गुप्ता ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई पेंशनर्स उपस्थित रहे।
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फोरम के प्रधान बीडी मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पेंशनरों की कई लंबित मांगों पर चर्चा की गई। अमर नाथ सेठी ने मांग की कि पेंशनरों का संशोधित वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लंबित एरियर तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा बुजुर्ग पेंशनरों को बकायों का भुगतान करने की घोषणा के बावजूद बोर्ड के अधिकारियों ने अभी तक इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, जिससे साफ है कि अधिकारी सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाकर उसकी किरकिरी करा रहे हैं।
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बैठक में पेंशनरों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में वर्क चार्ज रहे कर्मचारियों को दिए गए लाभों को वापस लेने (रिकवरी) का तुगलकी फरमान जारी कर उनके हितों पर कुठाराघात किया गया है। इसके अलावा, बिजली मीटरों पर दी जाने वाली सब्सिडी में भी भेदभाव किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति है।
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पेंशनरों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों ने इस उम्मीद के साथ कांग्रेस का समर्थन किया था कि उनके सभी बकाए जल्द मिल जाएंगे। लेकिन साढ़े तीन वर्ष बीतने के बाद भी केवल आंशिक भुगतान ही हुआ है। अगर करोड़ों के बकाए तुरंत जारी नहीं किए गए तो आगामी चुनावों में सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हक न मिलने पर 60 से 85 वर्ष के वृद्ध वरिष्ठ नागरिक सड़कों पर उतरने की रणनीति बना रहे हैं। इस बैठक को फोरम के सदस्य धर्म चंद, संतोष सरोत्री और शशि गुप्ता ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई पेंशनर्स उपस्थित रहे।