{"_id":"6a4ead8a1cb9230fcf02f5fd","slug":"discussion-on-modern-technologies-and-research-in-tanda-kangra-news-c-95-1-kng1045-243732-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: टांडा में आधुनिक तकनीकों और शोध पर की चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: टांडा में आधुनिक तकनीकों और शोध पर की चर्चा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला/टांडा (कांगड़ा)। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल टांडा के रेडियोडायग्नोसिस विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय डॉ. हरनाम सिंह मिड टर्म सीएमई का समापन हुआ। हेड एंड नेक रेडियोलॉजी विषय पर आधारित सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञों, शिक्षकों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भाग लेकर आधुनिक तकनीकों और शोध पर विचार साझा किए।
सम्मेलन का उद्घाटन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने किया। आयोजन अध्यक्ष प्रो. दिनेश सूद और आयोजन सचिव एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति टक्कर कपिला के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ। वैज्ञानिक सत्रों में एम्स नई दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, एम्स बिलासपुर, आईजीएमसी शिमला और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने आधुनिक निदान और उपचार पर व्याख्यान दिए। सम्मेलन में 175 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान अल्ट्रासोनोग्राफी, कैरोटिड डॉप्लर तथा अल्ट्रासाउंड गाइडेड एफएनएसी एवं बायोप्सी पर व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की गईं। साथ ही 18 मौखिक शोध-पत्र, 32 ई-पोस्टर प्रस्तुतियां और रेडियोलॉजी प्रश्नोत्तरी का आयोजन हुआ। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
सम्मेलन का उद्घाटन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने किया। आयोजन अध्यक्ष प्रो. दिनेश सूद और आयोजन सचिव एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति टक्कर कपिला के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ। वैज्ञानिक सत्रों में एम्स नई दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, एम्स बिलासपुर, आईजीएमसी शिमला और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने आधुनिक निदान और उपचार पर व्याख्यान दिए। सम्मेलन में 175 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान अल्ट्रासोनोग्राफी, कैरोटिड डॉप्लर तथा अल्ट्रासाउंड गाइडेड एफएनएसी एवं बायोप्सी पर व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की गईं। साथ ही 18 मौखिक शोध-पत्र, 32 ई-पोस्टर प्रस्तुतियां और रेडियोलॉजी प्रश्नोत्तरी का आयोजन हुआ। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। ब्यूरो
विज्ञापन