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Kangra News: खतरे में टांडा अस्पताल के मरीजों और स्टाफ की सेहत
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टांडा मेडिकल कॉलेज के कूलरों में जमा गंदा और मटमेला पानी। -जागरुक पाठक
- फोटो : संवाद
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धर्मशाला। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में करीब 10 दिन से दूषित पानी की आपूर्ति होने से मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नलों से मटमैला और दूषित पानी आने के कारण लोग इसे पीने और दैनिक उपयोग में लाने से बच रहे हैं। इससे जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
टांडा को मिलने वाली पानी की सप्लाई में मिट्टी और गंदगी साफ दिखाई दे रही है। मरीजों और तीमारदारों को पीने के लिए बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। दूषित पानी टंकियों में भी जमा हो गया है। मरीजों ने इसकी शिकायत टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से की है। हाल ही में हुई एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में भी प्रशिक्षुओं ने यह मुद्दा प्रशासन के समक्ष उठाया था।
जल शक्ति विभाग के अनुसार मेडिकल कॉलेज के आसपास फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी की ओर से खड्ड में मलबा डाला जा रहा है। इससे पानी का स्रोत दूषित हो रहा है। वही पानी टांडा अस्पताल भेजा जा रहा है। मरीजों और अस्पताल स्टाफ ने जल्द स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की है।
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टांडा मेडिकल कॉलेज में कुछ दिन से दूषित पानी की सप्लाई आ रही है। इसके बारे में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, टांडा मेडिकल कॉलेज
टांडा मेडिकल कॉलेज में दूषित पानी की सप्लाई के संबंध में प्रिंसिपल का फोन आया था। दूषित पानी फोरलेन निर्माण कंपनी की वजह से आ रहा है। इस बारे पुलिस में कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। एसडीएम नगरोटा बगवां को भी समस्या के बारे में अवगत करवाया गया है। -दीपक गर्ग, मुख्य अभियंता, जल शक्ति विभाग
हमारी ओर से कोई भी निर्माण खड्ड में नहीं किया जा रहा। पहले का प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। -दीपक गोयल, वरिष्ठ प्रबंधक, रिद्धि-सिद्धि फोरलेन कंपनी
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टांडा को मिलने वाली पानी की सप्लाई में मिट्टी और गंदगी साफ दिखाई दे रही है। मरीजों और तीमारदारों को पीने के लिए बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। दूषित पानी टंकियों में भी जमा हो गया है। मरीजों ने इसकी शिकायत टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से की है। हाल ही में हुई एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में भी प्रशिक्षुओं ने यह मुद्दा प्रशासन के समक्ष उठाया था।
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जल शक्ति विभाग के अनुसार मेडिकल कॉलेज के आसपास फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी की ओर से खड्ड में मलबा डाला जा रहा है। इससे पानी का स्रोत दूषित हो रहा है। वही पानी टांडा अस्पताल भेजा जा रहा है। मरीजों और अस्पताल स्टाफ ने जल्द स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की है।
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टांडा मेडिकल कॉलेज में कुछ दिन से दूषित पानी की सप्लाई आ रही है। इसके बारे में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, टांडा मेडिकल कॉलेज
टांडा मेडिकल कॉलेज में दूषित पानी की सप्लाई के संबंध में प्रिंसिपल का फोन आया था। दूषित पानी फोरलेन निर्माण कंपनी की वजह से आ रहा है। इस बारे पुलिस में कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। एसडीएम नगरोटा बगवां को भी समस्या के बारे में अवगत करवाया गया है। -दीपक गर्ग, मुख्य अभियंता, जल शक्ति विभाग
हमारी ओर से कोई भी निर्माण खड्ड में नहीं किया जा रहा। पहले का प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। -दीपक गोयल, वरिष्ठ प्रबंधक, रिद्धि-सिद्धि फोरलेन कंपनी

टांडा मेडिकल कॉलेज के कूलरों में जमा गंदा और मटमेला पानी। -जागरुक पाठक- फोटो : संवाद