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Kangra News: अब समय पर पहचानी जा रहीं बच्चों की हार्मोन संबंधी बीमारियां

Mon, 29 Jun 2026 01:27 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 01:27 AM IST
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Hormonal disorders in children are now being detected on time.
धर्मशाला। प्रदेश में बच्चों में होने वाली हार्मोन संबंधी बीमारियों की अब पहले की तुलना में समय पर पहचान होने लगी है। विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के कारण टाइप-1 डायबिटीज, थायरॉयड रोग, कम लंबाई, बचपन में मोटापा, कॉनजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया (सीएएच) और समय से पहले या देर से यौवन आने जैसी समस्याओं का शुरुआती चरण में ही उपचार संभव हो रहा है।
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टांडा के पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि पहले जागरूकता की कमी और विशेषज्ञ चिकित्सकों तक सीमित पहुंच के कारण अधिकांश बच्चों में इन बीमारियों का पता काफी देर से चलता था। अभिभावक अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, कम बढ़वार, मोटापा, थकान या यौवन में देरी जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते थे। इसके चलते कई बच्चे गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचते थे।
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2022 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में प्रदेश के पहले डीएम (पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी) विशेषज्ञ डॉ. अतुल गुप्ता की अगुवाई में पीडियाट्रिक एंडोक्राइन क्लीनिक शुरू किया गया। क्लीनिक के माध्यम से पात्र बच्चों को सरकारी योजनाओं के तहत टाइप-1 डायबिटीज के लिए निशुल्क इंसुलिन उपलब्ध कराई जा रही है। मरीजों और तीमारदारों के लिए नियमित डायबिटीज स्व-प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसका सकारात्मक असर यह हुआ है कि टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित पंजीकृत बच्चों में डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (डीकेए) के मामलों में कमी आई है। नए मरीज भी गंभीर स्थिति बनने से पहले उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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असामान्य बदलाव पर करें संपर्क
विशेषज्ञों के अनुसार हाल के वर्षों में क्लीनिक में कम लंबाई, थायरॉयड, मोटापे और यौवन संबंधी समस्याओं वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। यह बीमारियों में वृद्धि का नहीं बल्कि जागरूकता, बेहतर जांच सुविधाओं और समय पर पहचान का संकेत है। चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में कोई भी असामान्य शारीरिक बदलाव दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।
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