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Kangra News: मॉडल अप्रूवल के बिना बेची मशीन, अब लौटानी होगी राशि

Tue, 16 Jun 2026 05:48 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 05:48 AM IST
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Machine sold without model approval; amount must now be refunded.
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने सुनाया फैसला
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कंपनी-डीलरों को 9 फीसदी ब्याज के साथ ग्राहक को देने होंगे 28.80 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। लोडर मशीन की अप्रूवल और वैधानिक मंजूरी प्राप्त करने के बिना ही उपभोक्ता को मशीन बेचने पर अब कंपनी और डीलरों को राशि लौटानी होगी। ग्राहक को 28.80 लाख की राशि कंपनी और डीलरों को नौ फीसदी ब्याज के साथ देनी होगी। इसके साथ तीन लाख रुपये मुआवजा और 20 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य नारायण ठाकुर और आरती सूद की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष धर्मशाला उपमंडल के झियोल निवासी परनव देओल ने याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में रोजगार के उद्देश्य से एक मैनिटू बैकहो लोडर मशीन खरीदी थी। मशीन की कीमत 28.28 लाख रुपये थी। इसके लिए उन्होंने गगल स्थित बैंक से सरकारी सब्सिडी युक्त ऋण लिया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि डीलर ने मशीन का पंजीकरण करवाकर एक माह के भीतर आरसी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी वाहन का पंजीकरण नहीं हो सका।

सुनवाई के दौरान सामने आया कि मशीन का मॉडल हिमाचल प्रदेश में परिवहन विभाग से स्वीकृत नहीं था। आयोग ने पाया कि निर्माता कंपनी और अधिकृत डीलरों ने अलग-अलग दस्तावेजों में मशीन के मॉडल का अलग-अलग उल्लेख किया और आवश्यक मॉडल अप्रूवल और वैधानिक मंजूरियां प्राप्त किए बिना ही मशीन बेच दी। इसके कारण वाहन का पंजीकरण बार-बार खारिज होता रहा। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता ने मशीन स्वयं रोजगार और आजीविका कमाने के लिए खरीदी थी, इसलिए वह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उपभोक्ता की श्रेणी में आता है। आयोग ने माना कि निर्माता और डीलरों ने सेवा में गंभीर कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। बिना पंजीकरण वाली मशीन बेचकर उपभोक्ता को आर्थिक नुकसान, मानसिक प्रताड़ना और कानूनी जोखिम में डाला गया। आयोग ने निर्माता कंपनी, मंडी और ऊना स्थित डीलरों को संयुक्त रूप से 28.80 लाख रुपये 9 फीसदी वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही तीन लाख रुपये मुआवजा और 20 हजार रुपये वाद व्यय भी अदा करने को कहा है। राशि का भुगतान करने के बाद संबंधित पक्ष मशीन को शिकायतकर्ता से वापस लेने के लिए स्वतंत्र होंगे।
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