{"_id":"6a3014a6f8f5e1b83d0224f9","slug":"mother-raj-rajeshwari-meets-bajreshwari-after-nine-years-kangra-news-c-95-1-kng1037-239702-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: मां राज राजेश्वरी का बज्रेश्वरी से नौ साल बाद मिलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: मां राज राजेश्वरी का बज्रेश्वरी से नौ साल बाद मिलन
विज्ञापन
श्री राज राजेश्वरी माँ बज्रेश्वरी देवी के शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर से जाते गुर। जागरूक पाठक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांगड़ा में ढोल-नगाड़ों के साथ निकली शोभायात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
कांगड़ा। ढोल-नगाड़ों के साथ छोटी काशी से राज राजेश्वरी श्री देवी माता बज्रेश्वरी कांगड़ा स्थित शक्तिपीठ मां बज्रेश्वरी देवी से मिलने सोमवार को पहुंचीं। मां राज राजेश्वरी नौ साल बाद कांगड़ा मंदिर पहुंची हैं।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भजनों पर झूमते भक्त मां बज्रेश्वरी के दरबार पहुंचे। कांगड़ा बाजार से होते हुए माता की पालकी के साथ चले सैकड़ों श्रद्धालु जैसे ही माता के मंदिर पहुंचे तो वहां स्वागत के लिए हाथ जोड़ खड़े पुजारी इस जत्थे को मंदिर के भीतर ले गए। गर्भ गृह पहुंचते ही राज राजेश्वरी का मिलन माता बज्रेश्वरी के साथ करवाया गया।
मंदिर में पुजारी वर्ग और मंडी से आए माता के गुरु ने विधि-विधान से मां की पूजा और मिलन करवाया। इसके बाद चंपावती में सवार होकर माता ने बज्रेश्वरी मंदिर की परिक्रमा की। परिक्रमा के पश्चात देवी मंदिर परिसर में वट वृक्ष के नीचे विराजमान हो गईं। छोटी काशी से पुजारी ललित ने बताया कि रविवार को माता का आदेश था कि संक्रांति के दिन मां बज्रेश्वरी मंदिर जाना है। मां के आदेश की पालना करते भक्तजन कांगड़ा शक्तिपीठ पहुंचे। पुजारी अनुपम शर्मा ने बताया कि विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ माता का मिलन करवाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कांगड़ा। ढोल-नगाड़ों के साथ छोटी काशी से राज राजेश्वरी श्री देवी माता बज्रेश्वरी कांगड़ा स्थित शक्तिपीठ मां बज्रेश्वरी देवी से मिलने सोमवार को पहुंचीं। मां राज राजेश्वरी नौ साल बाद कांगड़ा मंदिर पहुंची हैं।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भजनों पर झूमते भक्त मां बज्रेश्वरी के दरबार पहुंचे। कांगड़ा बाजार से होते हुए माता की पालकी के साथ चले सैकड़ों श्रद्धालु जैसे ही माता के मंदिर पहुंचे तो वहां स्वागत के लिए हाथ जोड़ खड़े पुजारी इस जत्थे को मंदिर के भीतर ले गए। गर्भ गृह पहुंचते ही राज राजेश्वरी का मिलन माता बज्रेश्वरी के साथ करवाया गया।
विज्ञापन
मंदिर में पुजारी वर्ग और मंडी से आए माता के गुरु ने विधि-विधान से मां की पूजा और मिलन करवाया। इसके बाद चंपावती में सवार होकर माता ने बज्रेश्वरी मंदिर की परिक्रमा की। परिक्रमा के पश्चात देवी मंदिर परिसर में वट वृक्ष के नीचे विराजमान हो गईं। छोटी काशी से पुजारी ललित ने बताया कि रविवार को माता का आदेश था कि संक्रांति के दिन मां बज्रेश्वरी मंदिर जाना है। मां के आदेश की पालना करते भक्तजन कांगड़ा शक्तिपीठ पहुंचे। पुजारी अनुपम शर्मा ने बताया कि विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ माता का मिलन करवाया गया।
विज्ञापन