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Kangra News: अब बैजनाथ और महाकाल मंदिर में एप से करवा सकेंगे अपने नाम की पूजा
Fri, 24 Jul 2026 01:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 24 Jul 2026 01:12 AM IST
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बैजनाथ (कांगड़ा)। शिव मंदिर बैजनाथ और महाकाल मंदिर में 30 जुलाई से डिजिटल पूजा सेवा शुरू होगी। श्रद्धालु श्री मंदिर एप के माध्यम से दोनों मंदिरों के दर्शन करने के साथ अपने नाम से पूजा भी करवा सकेंगे। मंदिर न्यास की ओर से अधिकृत पुजारी श्रद्धालुओं के नाम के उच्चारण के साथ पूजा संपन्न करेंगे। श्रद्धालुओं को प्रसाद भी उपलब्ध कराया जाएगा।
मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि इस सुविधा से देश-विदेश के श्रद्धालु पूरे वर्ष घर बैठे पूजा कर सकेंगे। इससे मंदिर न्यास की आय बढ़ने के साथ वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी भारतीयों, दिव्यांगों तथा स्वास्थ्य, आर्थिक या अन्य कारणों से मंदिर नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर और श्री चामुंडा देवी मंदिर में डिजिटल पूजा सेवा की सफलता के बाद अब इसका विस्तार बैजनाथ शिव मंदिर और महाकाल मंदिर तक किया गया है। करीब 800 वर्ष पुराने नागर शैली के बैजनाथ शिव मंदिर और मध्यकालीन महाकाल मंदिर में इस सेवा के शुरू होने से श्रद्धालुओं को घर बैठे पूजा का अवसर मिलेगा।
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प्रारंभिक चरण में श्री बज्रेश्वरी देवी और श्री चामुंडा देवी मंदिरों की डिजिटल सेवाओं से करीब 60 हजार श्रद्धालु जुड़े। इनमें श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में कुल भागीदारी का लगभग 27 प्रतिशत महाराष्ट्र, 23 प्रतिशत दिल्ली-एनसीआर, 19 प्रतिशत उत्तर प्रदेश और 10 प्रतिशत कर्नाटक से रहा। इससे कांगड़ा के मंदिरों से डिजिटल माध्यम से जुड़ने की बढ़ती रुचि का पता चलता है।
श्री मंदिर एप के संस्थापक एवं सीईओ प्रशांत सचान ने कहा कि मंदिर सेवाओं के डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाने के लिए कांगड़ा जिला प्रशासन और मंदिर प्राधिकरणों के साथ जुड़ना सम्मान की बात है। श्रावण मास के बाद भाद्रपद माह में महाकाल मंदिर में शुरू होने वाली इस सेवा का हजारों श्रद्धालु लाभ उठा सकेंगे।
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मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि इस सुविधा से देश-विदेश के श्रद्धालु पूरे वर्ष घर बैठे पूजा कर सकेंगे। इससे मंदिर न्यास की आय बढ़ने के साथ वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी भारतीयों, दिव्यांगों तथा स्वास्थ्य, आर्थिक या अन्य कारणों से मंदिर नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर और श्री चामुंडा देवी मंदिर में डिजिटल पूजा सेवा की सफलता के बाद अब इसका विस्तार बैजनाथ शिव मंदिर और महाकाल मंदिर तक किया गया है। करीब 800 वर्ष पुराने नागर शैली के बैजनाथ शिव मंदिर और मध्यकालीन महाकाल मंदिर में इस सेवा के शुरू होने से श्रद्धालुओं को घर बैठे पूजा का अवसर मिलेगा।
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प्रारंभिक चरण में श्री बज्रेश्वरी देवी और श्री चामुंडा देवी मंदिरों की डिजिटल सेवाओं से करीब 60 हजार श्रद्धालु जुड़े। इनमें श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में कुल भागीदारी का लगभग 27 प्रतिशत महाराष्ट्र, 23 प्रतिशत दिल्ली-एनसीआर, 19 प्रतिशत उत्तर प्रदेश और 10 प्रतिशत कर्नाटक से रहा। इससे कांगड़ा के मंदिरों से डिजिटल माध्यम से जुड़ने की बढ़ती रुचि का पता चलता है।
श्री मंदिर एप के संस्थापक एवं सीईओ प्रशांत सचान ने कहा कि मंदिर सेवाओं के डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाने के लिए कांगड़ा जिला प्रशासन और मंदिर प्राधिकरणों के साथ जुड़ना सम्मान की बात है। श्रावण मास के बाद भाद्रपद माह में महाकाल मंदिर में शुरू होने वाली इस सेवा का हजारों श्रद्धालु लाभ उठा सकेंगे।