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Kangra News: नियमों को ताक पर रख टांडा में की जा रही रोबोटिक सर्जरी
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टांडा (कांगड़ा)। मेडिकल कॉलेज टांडा में करोड़ों की लागत से रोबोटिक सर्जरी का वार्ड को बना दिया गया है, लेकिन उसमें एयर कंडीशनर की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे मरीजों में कई प्रकार के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। छह जिलों के मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं देने वाले टांडा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार टांडा मेडिकल कॉलेज में 30 करोड़ की लागत से रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की गई है। नियमों के अनुसार ऑपरेशन थियेटर में एयर हैंडलिंग यूनिट, हेपा फिल्टर और चिल्लर मशीन होना जरूरी है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है। वहीं, ऑपरेशन थियेटर में तापमान सेट किया जाता है लेकिन मौजूदा समय में रोबोटिक सर्जरी वाले ऑपरेशन थियेटर में यह तीनों जरूरी उपकरण मौजूद नहीं हैं। ऑपरेशन थियेटर में स्पलिट एसी से जुगाड़ के सहारे काम चलाया जा रहा है। टांडा अस्पताल प्रशासन की ओर से नियमों को ताक पर रख कर रोबोटिक सर्जरी की जा रही हैं। ऐसे में अगर किसी मरीज में संक्रमण फैलता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। जरूरी उपकरण न होने से करोड़ों की मशीनें भी खराब हो सकती हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मानकों अनुसार ऑपरेशन थियेटर में एयर हैंडलिंग यूनिट होनी चाहिए, जिसका काम एयर फ्लो को रेगुलेट करना होता है। किसी भी संक्रमण को वह बाहर कर देती है। इसके अलावा चिल्लर मशीन तापमान को नियंत्रण करती है। इसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये तक होती है।
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के इलेक्ट्रिक विंग को एक करोड़ की राशि ट्रांसफर कर दी है। जल्द एयर हैंडलिंग यूनिट, हेपा फिल्टर और चिल्लर मशीन स्थापित कर दी जाएगी।
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जानकारी के अनुसार टांडा मेडिकल कॉलेज में 30 करोड़ की लागत से रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की गई है। नियमों के अनुसार ऑपरेशन थियेटर में एयर हैंडलिंग यूनिट, हेपा फिल्टर और चिल्लर मशीन होना जरूरी है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है। वहीं, ऑपरेशन थियेटर में तापमान सेट किया जाता है लेकिन मौजूदा समय में रोबोटिक सर्जरी वाले ऑपरेशन थियेटर में यह तीनों जरूरी उपकरण मौजूद नहीं हैं। ऑपरेशन थियेटर में स्पलिट एसी से जुगाड़ के सहारे काम चलाया जा रहा है। टांडा अस्पताल प्रशासन की ओर से नियमों को ताक पर रख कर रोबोटिक सर्जरी की जा रही हैं। ऐसे में अगर किसी मरीज में संक्रमण फैलता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। जरूरी उपकरण न होने से करोड़ों की मशीनें भी खराब हो सकती हैं।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मानकों अनुसार ऑपरेशन थियेटर में एयर हैंडलिंग यूनिट होनी चाहिए, जिसका काम एयर फ्लो को रेगुलेट करना होता है। किसी भी संक्रमण को वह बाहर कर देती है। इसके अलावा चिल्लर मशीन तापमान को नियंत्रण करती है। इसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये तक होती है।
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के इलेक्ट्रिक विंग को एक करोड़ की राशि ट्रांसफर कर दी है। जल्द एयर हैंडलिंग यूनिट, हेपा फिल्टर और चिल्लर मशीन स्थापित कर दी जाएगी।