{"_id":"6a53fbebbf9f65dfcd0a0f1a","slug":"robotic-technology-revolutionizing-heart-surgery-dr-ishant-kangra-news-c-95-1-kng1045-244432-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"हार्ट सर्जरी में क्रांति ला रही रोबोटिक तकनीक : डॉ. इशांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हार्ट सर्जरी में क्रांति ला रही रोबोटिक तकनीक : डॉ. इशांत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। हृदय रोगों के उपचार में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव (कम चीरे वाली) हार्ट सर्जरी कार्डियक साइंस में एक बड़ी क्रांति ला रही है। यह बात लिवासा अस्पताल मोहाली के वरिष्ठ हृदय एवं रक्तवाहिका शल्य चिकित्सक डॉ. इशांत सिंगला ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) धर्मशाला के विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम में कही।
उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक की मदद से अब जटिल से जटिल हृदय ऑपरेशन भी अधिक सटीकता और सुरक्षित तरीके से किए जा रहे हैं। इस पद्धति में मरीज के शरीर पर बेहद छोटा चीरा लगाया जाता है।
इससे मरीज को पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले बहुत कम दर्द और रक्तस्राव होता है, संक्रमण की आशंका घटती है तथा अस्पताल में भी कम समय रुकना पड़ता है। इससे मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि रोबोटिक हार्ट सर्जरी हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती।
विज्ञापन
मरीज की बीमारी, शारीरिक स्थिति और अन्य चिकित्सीय पहलुओं का बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद ही विशेषज्ञ यह तय करते हैं कि यह तकनीक उसके लिए कितनी लाभकारी होगी। इस शैक्षणिक कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. देश बंधु ने की। कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं से जुड़े करीब 50 चिकित्सकों ने भाग लिया और आधुनिक हार्ट सर्जरी के नवीनतम पहलुओं पर चर्चा की।
आईएमए धर्मशाला के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान लगातार विकसित हो रहा है। ऐसे में डॉक्टरों का नियमित प्रशिक्षण और नई तकनीकों से अपडेट रहना बेहद जरूरी है, ताकि प्रदेश के मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक की मदद से अब जटिल से जटिल हृदय ऑपरेशन भी अधिक सटीकता और सुरक्षित तरीके से किए जा रहे हैं। इस पद्धति में मरीज के शरीर पर बेहद छोटा चीरा लगाया जाता है।
विज्ञापन
इससे मरीज को पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले बहुत कम दर्द और रक्तस्राव होता है, संक्रमण की आशंका घटती है तथा अस्पताल में भी कम समय रुकना पड़ता है। इससे मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि रोबोटिक हार्ट सर्जरी हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती।
विज्ञापन
मरीज की बीमारी, शारीरिक स्थिति और अन्य चिकित्सीय पहलुओं का बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद ही विशेषज्ञ यह तय करते हैं कि यह तकनीक उसके लिए कितनी लाभकारी होगी। इस शैक्षणिक कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. देश बंधु ने की। कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं से जुड़े करीब 50 चिकित्सकों ने भाग लिया और आधुनिक हार्ट सर्जरी के नवीनतम पहलुओं पर चर्चा की।
आईएमए धर्मशाला के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान लगातार विकसित हो रहा है। ऐसे में डॉक्टरों का नियमित प्रशिक्षण और नई तकनीकों से अपडेट रहना बेहद जरूरी है, ताकि प्रदेश के मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।