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Kangra News: अतिक्रमण के आरोपों में घिरे धर्मशाला के तीन पार्षद, अयोग्य होने का खतरा
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के तीन नवनिर्वाचित पार्षद सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में आ गए हैं। उपायुक्त (डीसी) कांगड़ा ने एसडीएम धर्मशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर शहरी विकास विभाग के सचिव को पत्र भेजकर कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
डीसी ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 8(एल) का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी या स्थानीय निकाय की भूमि पर अतिक्रमण करने वाला व्यक्ति अयोग्यता के दायरे में आ सकता है। जांच रिपोर्ट के अनुसार वार्ड नंबर-2 भागसूनाग से नवनिर्वाचित पार्षद शमशेर सिंह नैहरिया के होटल के समीप वन विभाग की भूमि पर पार्किंग व अन्य निर्माण होने के तथ्य सामने आए हैं।
हालांकि, नेहरिया का कहना है कि उनका होटल निजी भूमि पर है और उन्होंने कोई अवैध कब्जा नहीं किया है। वहीं, वार्ड नंबर-15 खनियारा से पार्षद प्रवीन कुमार के खिलाफ राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का उल्लेख है। प्रवीन कुमार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए जिला प्रशासन को अवैध कब्जा साबित करने की चुनौती दी है।
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इसके अलावा वार्ड नंबर-17 सिद्धपुर से पार्षद विशाल जम्वाल के मामले में सरकारी भूमि पर स्थित दुकान के लिए बिजली मीटर लगाने की शिकायत की गई थी। रिपोर्ट में इस भूमि को सरकारी बताते हुए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भू-राजस्व अधिनियम की धारा-163 के तहत कार्रवाई शुरू होने की बात कही गई है। दूसरी ओर विशाल जम्वाल का दावा है कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया और उन पर आरोप साबित नहीं हो पाए हैं। अब इस मामले में अंतिम निर्णय शहरी विकास विभाग द्वारा लिया जाएगा।
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डीसी ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 8(एल) का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी या स्थानीय निकाय की भूमि पर अतिक्रमण करने वाला व्यक्ति अयोग्यता के दायरे में आ सकता है। जांच रिपोर्ट के अनुसार वार्ड नंबर-2 भागसूनाग से नवनिर्वाचित पार्षद शमशेर सिंह नैहरिया के होटल के समीप वन विभाग की भूमि पर पार्किंग व अन्य निर्माण होने के तथ्य सामने आए हैं।
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हालांकि, नेहरिया का कहना है कि उनका होटल निजी भूमि पर है और उन्होंने कोई अवैध कब्जा नहीं किया है। वहीं, वार्ड नंबर-15 खनियारा से पार्षद प्रवीन कुमार के खिलाफ राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का उल्लेख है। प्रवीन कुमार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए जिला प्रशासन को अवैध कब्जा साबित करने की चुनौती दी है।
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इसके अलावा वार्ड नंबर-17 सिद्धपुर से पार्षद विशाल जम्वाल के मामले में सरकारी भूमि पर स्थित दुकान के लिए बिजली मीटर लगाने की शिकायत की गई थी। रिपोर्ट में इस भूमि को सरकारी बताते हुए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भू-राजस्व अधिनियम की धारा-163 के तहत कार्रवाई शुरू होने की बात कही गई है। दूसरी ओर विशाल जम्वाल का दावा है कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया और उन पर आरोप साबित नहीं हो पाए हैं। अब इस मामले में अंतिम निर्णय शहरी विकास विभाग द्वारा लिया जाएगा।