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हिमाचल: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बोले- राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में हिमाचल 21वें से पांचवें पायदान पर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 25 Jan 2026 07:31 PM IST
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सार
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बजौरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर पांचवां स्थान हासिल किया है, जबकि पिछली बार राज्य 21वें स्थान पर रहा था। पढ़ें पूरी खबर...
राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बजौरा में प्रदर्शनी का अवलोकन करते शिक्षा मंत्री
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर पांचवां स्थान हासिल किया है, जबकि पिछली बार राज्य 21वें स्थान पर रहा था। यह राज्य की शिक्षा नीतियों और शिक्षकों, अधिकारियों की सफलता का प्रमाण है। यह बात शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कही। हिमाचल स्कूल अडॉप्शन प्रोग्राम के तहत अब तक 4,231 सरकारी स्कूलों को विभिन्न अधिकारियों द्वारा गोद लिया जा चुका है।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 9,931 सरकारी प्राथमिक विद्यालय, 1,774 माध्यमिक विद्यालय, 962 उच्च विद्यालय तथा 1,988 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में 19,677 प्राथमिक शिक्षक, 15,333 टीजीटी और 14,983 प्रवक्ता विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। सरकार ने गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में विभिन्न श्रेणियों में 8,000 नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे शिक्षक कमी की समस्या को काफी हद तक दूर किया गया है।
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बजौरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समान शैक्षिक अवसर उपलब्ध करवाने और उन्हें उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया है। प्रारंभिक बचपन में संज्ञानात्मक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के लगभग 6,297 प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल पुस्तकालयों, वर्चुअल क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाओं, फर्नीचर, स्वच्छ शौचालयों, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड तथा छात्रावास सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। कई संस्थानों को उत्कृष्ट विद्यालय घोषित किया गया है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है।
विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों की एआई आधारित डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है, जो प्रदेश के 14,673 स्कूलों में कार्यरत है। इसका लाभ 7.73 लाख से अधिक छात्रों को मिल रहा है। अब तक 334 शिक्षकों और 50 मेधावी विद्यार्थियों को सिंगापुर और कंबोडिया जैसे देशों के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जा चुका है।
विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों की एआई आधारित डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है, जो प्रदेश के 14,673 स्कूलों में कार्यरत है। इसका लाभ 7.73 लाख से अधिक छात्रों को मिल रहा है। अब तक 334 शिक्षकों और 50 मेधावी विद्यार्थियों को सिंगापुर और कंबोडिया जैसे देशों के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जा चुका है।