{"_id":"6988b5b7cacdd25d900e5783","slug":"inner-akhara-bazaar-has-no-concrete-ground-arrangements-nor-a-security-wall-kullu-news-c-89-1-klu1002-168507-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: इनर अखाड़ा बाजार में न धरातल पर ठोस इंतजाम, न ही लगी सुरक्षा दीवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: इनर अखाड़ा बाजार में न धरातल पर ठोस इंतजाम, न ही लगी सुरक्षा दीवार
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 08 Feb 2026 10:35 PM IST
विज्ञापन
कुल्लू के इनर अखाडा बाजार में पड़ा बरसात के दौरान हुए भूस्खलन का मलबा।-संवाद
विज्ञापन
लोग जेब से पैसा खर्च कर हटा रहे मलबा, कागजों तक ही सिमटी सरकारी योजना
लोग बोले- सुरक्षा दीवार नहीं लगी तो खतरे की जद में आ जाएंगे और भी मकान
बीते साल भूस्खलन के मलबे की चपेट में आने से हो गई थी नौ लोगों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। इनर अखाड़ा बाजार पर भूस्खलन का खतरा दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है लेकिन प्रशासन अभी तक धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। मलबा हटाने और सुरक्षा दीवार बनाने का काम शून्य है।
लोग अब जेब से खर्च कर मलबा हटाने को मजबूर हैं। सरकारी योजना और निरीक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं। आने वाली बरसात सिर्फ मौसम की नहीं, यहां के लोगों की जान पर भी खतरा बनकर मंडरा रहा है। धरातल पर सुरक्षा दीवार लगाने काम तो दूर, मलबा हटाने का कार्य भी ठीक से शुरू नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन के दरबार जाकर वे थक चुके हैं लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से धरातल पर अभी तक कोई खास हलचल नहीं हुई है। बात सर्वे तक ही सीमित होकर रह गई है। लोगों ने कहा कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो इनर अखाड़ा बाजार में अन्य घर भी खतरे में पड़ जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र में निरीक्षण करने कई बार पहुंचे और क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए योजना बनाने की बात भी की लेकिन धरातल पर कोई प्रयास नहीं दिख रहे हैं।
--
दफ्तर के चक्कर काटते रहे गए लोग
क्षेत्रवासियों की कहानी यह है कि इनर अखाड़ा बाजार में सबसे पहले 28 फरवरी 2025 को मठ क्षेत्र से भूस्खलन शुरू हुआ। कुछ घरों को नुकसान भी हुआ। क्षेत्र के लोग प्रशासन के पास कई बार पहुंचे और सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की लेकिन किसी ने भी गंभीरता से नहीं लिया। इसका परिणाम यह हुआ कि 3 और 4 सितंबर, 2025 को भूस्खलन के कारण नौ लोगों की जान चली गई। लोगों ने कहा कि इतना बड़ा हादसे होने के बाद भी न तो प्रशासन गंभीर दिख रहा है और न ही सरकार।
--
सितंबर 2025 में भारी मात्रा में हुए भूस्खलन से बढ़े खतरे से क्षेत्र वासियों की सुरक्षा के लिए धरातल पर गंभीर प्रयास होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस ओर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। - राजन सोहल, प्रभावित
--
क्षेत्र में भूस्खलन के खतरे को लेकर न तो धरातल पर सुरक्षा के इंतजाम हुए हैं, न ही प्रभावितों को अभी तक मुआवजा मिला है। मलबे को हटाने के लिए भी अभी तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। -रोहित अत्री, प्रभावित
--
Trending Videos
लोग बोले- सुरक्षा दीवार नहीं लगी तो खतरे की जद में आ जाएंगे और भी मकान
बीते साल भूस्खलन के मलबे की चपेट में आने से हो गई थी नौ लोगों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। इनर अखाड़ा बाजार पर भूस्खलन का खतरा दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है लेकिन प्रशासन अभी तक धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। मलबा हटाने और सुरक्षा दीवार बनाने का काम शून्य है।
लोग अब जेब से खर्च कर मलबा हटाने को मजबूर हैं। सरकारी योजना और निरीक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं। आने वाली बरसात सिर्फ मौसम की नहीं, यहां के लोगों की जान पर भी खतरा बनकर मंडरा रहा है। धरातल पर सुरक्षा दीवार लगाने काम तो दूर, मलबा हटाने का कार्य भी ठीक से शुरू नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन के दरबार जाकर वे थक चुके हैं लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से धरातल पर अभी तक कोई खास हलचल नहीं हुई है। बात सर्वे तक ही सीमित होकर रह गई है। लोगों ने कहा कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो इनर अखाड़ा बाजार में अन्य घर भी खतरे में पड़ जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र में निरीक्षण करने कई बार पहुंचे और क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए योजना बनाने की बात भी की लेकिन धरातल पर कोई प्रयास नहीं दिख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दफ्तर के चक्कर काटते रहे गए लोग
क्षेत्रवासियों की कहानी यह है कि इनर अखाड़ा बाजार में सबसे पहले 28 फरवरी 2025 को मठ क्षेत्र से भूस्खलन शुरू हुआ। कुछ घरों को नुकसान भी हुआ। क्षेत्र के लोग प्रशासन के पास कई बार पहुंचे और सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की लेकिन किसी ने भी गंभीरता से नहीं लिया। इसका परिणाम यह हुआ कि 3 और 4 सितंबर, 2025 को भूस्खलन के कारण नौ लोगों की जान चली गई। लोगों ने कहा कि इतना बड़ा हादसे होने के बाद भी न तो प्रशासन गंभीर दिख रहा है और न ही सरकार।
सितंबर 2025 में भारी मात्रा में हुए भूस्खलन से बढ़े खतरे से क्षेत्र वासियों की सुरक्षा के लिए धरातल पर गंभीर प्रयास होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस ओर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। - राजन सोहल, प्रभावित
क्षेत्र में भूस्खलन के खतरे को लेकर न तो धरातल पर सुरक्षा के इंतजाम हुए हैं, न ही प्रभावितों को अभी तक मुआवजा मिला है। मलबे को हटाने के लिए भी अभी तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। -रोहित अत्री, प्रभावित