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Kullu News: लाहौल की चंद्रा घाटी में न रेडियो चला न टीवी
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 28 Jan 2026 10:36 PM IST
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घरों में ही रहे लोग, हालडा उत्सव में परोसे गए नौ तरह के स्वादिष्ट व्यंजन
घरों में रहकी की ईष्ट देवता की पूजा, हालडा के तीसरे दिन मनाया शशूम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिले की चंद्रा घाटी में मंगलवार रात से देवी-देवताओं को समर्पित हालडा की धूम रही। बुधवार को दालंग से तेलिंग तक कुसिल मनाया गया। खिली धूप होने बाद भी लोग घरों से नहीं निकले।
देव मान्यता के अनुसार इस दिन लोग न टीवी और न ही रेडियो चला सकते हैं। ऐसे में घाटी में न तो रेडियो चला और न ही टीवी। यहां तक कि बाहर वालों का नाम भी जुबान पर ला नहीं सकते। सुबह ही लोगों ने अपने ईष्ट देव की फूल और मक्खन से पूजा की। इसके बाद परिवार के साथ नौ प्रकार के स्वादिष्ट पकवानों का स्वाद लिया।
गौर रहे कि लाहौल घाटी में परंपराओं का निर्वहन आज की युवा पीढ़ी बखूबी कर रही है। देव कारज के चलते कोकसर और सिस्सू पंचायत ने एक से डेढ़ महीने तक पर्यटन कारोबार बंद लड़ने का फैसला लिया है। कोकसर पंचायत के प्रधान सचिन मिरूपा और सिस्सू पंचायत के प्रधान राजीव ने बताया कि देव कारज और वर्षो से चली आ रही देव रीति का अनुसरण और इस पर अमल करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वीरवार को हालडा पर्व के तीसरे दिन शशूम मनाया जाएगा। सभी लोग अपने ईष्ट देवी-देवता और ड्राबला सहित राजा घेपन की पूजा कर सुबह के नाश्ते के बाद घरों से बाहर निकलेंगे। छोटे अपने बड़ों से फूल यौरा भेंट कर अपने से बड़ों का आशीर्वाद लेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिले की चंद्रा घाटी में मंगलवार रात से देवी-देवताओं को समर्पित हालडा की धूम रही। बुधवार को दालंग से तेलिंग तक कुसिल मनाया गया। खिली धूप होने बाद भी लोग घरों से नहीं निकले।
देव मान्यता के अनुसार इस दिन लोग न टीवी और न ही रेडियो चला सकते हैं। ऐसे में घाटी में न तो रेडियो चला और न ही टीवी। यहां तक कि बाहर वालों का नाम भी जुबान पर ला नहीं सकते। सुबह ही लोगों ने अपने ईष्ट देव की फूल और मक्खन से पूजा की। इसके बाद परिवार के साथ नौ प्रकार के स्वादिष्ट पकवानों का स्वाद लिया।
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गौर रहे कि लाहौल घाटी में परंपराओं का निर्वहन आज की युवा पीढ़ी बखूबी कर रही है। देव कारज के चलते कोकसर और सिस्सू पंचायत ने एक से डेढ़ महीने तक पर्यटन कारोबार बंद लड़ने का फैसला लिया है। कोकसर पंचायत के प्रधान सचिन मिरूपा और सिस्सू पंचायत के प्रधान राजीव ने बताया कि देव कारज और वर्षो से चली आ रही देव रीति का अनुसरण और इस पर अमल करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वीरवार को हालडा पर्व के तीसरे दिन शशूम मनाया जाएगा। सभी लोग अपने ईष्ट देवी-देवता और ड्राबला सहित राजा घेपन की पूजा कर सुबह के नाश्ते के बाद घरों से बाहर निकलेंगे। छोटे अपने बड़ों से फूल यौरा भेंट कर अपने से बड़ों का आशीर्वाद लेंगे।