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Kullu News: पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में चार महीने का एकमुश्त मिलेगा राशन
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कुल्लू। बरसात में रास्ते बाधित होने पर किसी भी क्षेत्र में अन्न की कमी न हो, इसके लिए सरकार और खाद्य आपूर्ति विभाग ने कसरत शुरू कर दी है। प्रदेश के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में चार और तीन महीने का राशन भिजवाना शुरू कर दिया है। जून महीने में ही राशन उपलब्ध करवाया जाएगा।
जिला कुल्लू में बरसात में प्रभावित होने वाले करीब 600 गांवों को सरकार ने तीन महीने का राशन कोटा एकमुश्त देने की प्रक्रिया को शुरू कर दी है। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का एकमुश्त राशन का कोटा जिले के दुर्गम क्षेत्रों के 86 डिपुओं के माध्यम से जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने देना शुरू कर दिया है। ये वे क्षेत्र हैं जो बरसात में उपमंडल और जिला मुख्यालय से अलग-थलग पड़ जाते हैं।जिले में 86 उचित मूल्य की दुकानों में से 17 डिपो ऐसे हैं जहां जून से सितंबर तक का राशन दिया जाएगा। इसमें करीब 100 से अधिक गांवों को कवर किया जाएगा। जून से अगस्त तक का राशन 69 डिपुओं के माध्यम से 500 गांवों को मुहैया करवाया जाएगा।
राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग ने आगामी मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति की विशेष व्यवस्था की है।
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प्रदेश में बरसात के मौसम में अक्सर रास्ते बंद होने से संपर्क टूट जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अग्रिम वितरण किया जा रहा है। सुदूर और बेहद दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी डिपुओं में तीन और चार महीने का खाद्यान्न पहले ही पहुंचा दिया गया है। 2023 के बाद प्रदेश और जिला कुल्लू में दुर्गम गांवों तक राशन पहुंचाने के लिए सेना का चिनुक एवं एम-17 हेलीकाॅप्टर की मदद लेनी पड़ी थी।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन समय से भेजने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। इसमें दुर्गम क्षेत्रों के डिपुओं को चार माह का राशन भेजा गया है।
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जिला कुल्लू में बरसात में प्रभावित होने वाले करीब 600 गांवों को सरकार ने तीन महीने का राशन कोटा एकमुश्त देने की प्रक्रिया को शुरू कर दी है। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का एकमुश्त राशन का कोटा जिले के दुर्गम क्षेत्रों के 86 डिपुओं के माध्यम से जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने देना शुरू कर दिया है। ये वे क्षेत्र हैं जो बरसात में उपमंडल और जिला मुख्यालय से अलग-थलग पड़ जाते हैं।जिले में 86 उचित मूल्य की दुकानों में से 17 डिपो ऐसे हैं जहां जून से सितंबर तक का राशन दिया जाएगा। इसमें करीब 100 से अधिक गांवों को कवर किया जाएगा। जून से अगस्त तक का राशन 69 डिपुओं के माध्यम से 500 गांवों को मुहैया करवाया जाएगा।
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राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग ने आगामी मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति की विशेष व्यवस्था की है।
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प्रदेश में बरसात के मौसम में अक्सर रास्ते बंद होने से संपर्क टूट जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अग्रिम वितरण किया जा रहा है। सुदूर और बेहद दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी डिपुओं में तीन और चार महीने का खाद्यान्न पहले ही पहुंचा दिया गया है। 2023 के बाद प्रदेश और जिला कुल्लू में दुर्गम गांवों तक राशन पहुंचाने के लिए सेना का चिनुक एवं एम-17 हेलीकाॅप्टर की मदद लेनी पड़ी थी।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन समय से भेजने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। इसमें दुर्गम क्षेत्रों के डिपुओं को चार माह का राशन भेजा गया है।