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Kullu News: लाहौली, कुल्लवी गीतों पर झूमे दर्शक
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केलांग में जनजातीय उसत्व के दौरान प्रस्तुति देती कलाकार।-संवाद
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सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय उत्सव-2026 की पहली और दूसरी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल के साथ लाहौल-स्पीति, पांगी, किन्नौर और लद्दाख की समृद्ध लोक संस्कृति देखने को मिली।
कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर किया। पहली सांस्कृतिक संध्या में कुल्लू के कलाकार रमेश ठाकुर ने दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने कुल्लवी, लाहौली और लद्दाखी गीतों के साथ बॉलीवुड के लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। दूसरी सांस्कृतिक संध्या में किन्नौर के कलाकार फुर्बू नेगी ने खूब धमाल मचाया। उन्होंने स्पीति के लोकगीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद किन्नौर, लाहौल और लद्दाख के गीतों के साथ पुराने हिंदी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को नचाया।
पहली सांस्कृतिक संध्या का आगाज पीती कला संगम के कलाकारों ने पारंपरिक लाहौली नाटी से किया। इसके बाद लक्ष्मी ने नेपाली नृत्य प्रस्तुत किया। उदयपुर की अवनि और पविश्का ने नृत्य की प्रस्तुति दी। पायल ठाकुर ने बॉलीवुड गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। किन्नौरी सिस्टर्स साधिका और समीक्षा नेगी ने किन्नौरी, स्पीति और पुराने हिंदी गीत प्रस्तुत किए।
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लाहौल की स्वर कोकिला रोजी शर्मा ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। स्वयं सहायता समूह अपर केलांग की महिलाओं ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया। महिला मंडल अपर केलांग, एनजेडसीसी जम्मू, 7 बैंड धर्मशाला और जंस्कार कल्चरल अकादमी लद्दाख के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। दूसरी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल की लोक संस्कृति के साथ लाहौल-स्पीति, पांगी, किन्नौर और लद्दाख की सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली। नेपाली डांस ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
आकाश लोंचेपा और अनिल सूर्यवंशी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। आकाश लोंचेपा ने ‘हेरो पंछी जीणा रो-रो, लायो मां, पाणी बो पिया जा उचे ठाहर’ जैसे लाहौली गीत पर दर्शकों को खूब नचाया। स्टार नाइट में लद्दाख की पदमा डोलकर, नितेश राजपूत, फुर्बू नेगी और अनुज शर्मा ने अपने गीतों से देर रात तक समां बांधे रखा। संवाद
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कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर किया। पहली सांस्कृतिक संध्या में कुल्लू के कलाकार रमेश ठाकुर ने दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने कुल्लवी, लाहौली और लद्दाखी गीतों के साथ बॉलीवुड के लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। दूसरी सांस्कृतिक संध्या में किन्नौर के कलाकार फुर्बू नेगी ने खूब धमाल मचाया। उन्होंने स्पीति के लोकगीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद किन्नौर, लाहौल और लद्दाख के गीतों के साथ पुराने हिंदी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को नचाया।
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पहली सांस्कृतिक संध्या का आगाज पीती कला संगम के कलाकारों ने पारंपरिक लाहौली नाटी से किया। इसके बाद लक्ष्मी ने नेपाली नृत्य प्रस्तुत किया। उदयपुर की अवनि और पविश्का ने नृत्य की प्रस्तुति दी। पायल ठाकुर ने बॉलीवुड गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। किन्नौरी सिस्टर्स साधिका और समीक्षा नेगी ने किन्नौरी, स्पीति और पुराने हिंदी गीत प्रस्तुत किए।
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लाहौल की स्वर कोकिला रोजी शर्मा ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। स्वयं सहायता समूह अपर केलांग की महिलाओं ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया। महिला मंडल अपर केलांग, एनजेडसीसी जम्मू, 7 बैंड धर्मशाला और जंस्कार कल्चरल अकादमी लद्दाख के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। दूसरी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल की लोक संस्कृति के साथ लाहौल-स्पीति, पांगी, किन्नौर और लद्दाख की सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली। नेपाली डांस ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
आकाश लोंचेपा और अनिल सूर्यवंशी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। आकाश लोंचेपा ने ‘हेरो पंछी जीणा रो-रो, लायो मां, पाणी बो पिया जा उचे ठाहर’ जैसे लाहौली गीत पर दर्शकों को खूब नचाया। स्टार नाइट में लद्दाख की पदमा डोलकर, नितेश राजपूत, फुर्बू नेगी और अनुज शर्मा ने अपने गीतों से देर रात तक समां बांधे रखा। संवाद