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Mandi News: फ्री बिजली की रॉयल्टी पर अटका 42 मेगावाट विद्युत प्रोजेक्ट
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25 करोड़ की योजना अब 250 करोड़ के पार पहुंची
50 साल बाद भी शुरू नहीं हो सकी बग्गी जलविद्युत परियोजना
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। बीएसएल परियोजना के बग्गी वर्क्स कंट्रोल गेट पर प्रस्तावित 42 मेगावाट जलविद्युत परियोजना 50 वर्षों से फ्री बिजली रॉयल्टी के विवाद में अटकी है। संसाधन और उपयुक्त स्थल उपलब्ध होने के बावजूद प्रदेश सरकार और बीबीएमबी के बीच सहमति नहीं बन सकी। इस देरी से परियोजना की अनुमानित लागत 25 करोड़ रुपये से बढ़कर 250 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
शुरुआत में परियोजना हिमाचल सरकार को बनानी थी। बाद में जयराम सरकार ने 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली के प्रावधान के साथ बीबीएमबी से एमओयू किया, लेकिन नई ऊर्जा नीति के तहत मुफ्त बिजली रॉयल्टी बढ़ाने की मांग के बाद काम रुक गया। विशेषज्ञों के अनुसार परियोजना बनने से प्रदेश को हर साल 10 से 12 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली से आय हो सकती है। साथ ही बीएसएल नहर और झील में सिल्ट प्रबंधन बेहतर होगा, ड्रेजिंग की जरूरत घटेगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
कोट्स
बीबीएमबी और प्रदेश सरकार के उच्च स्तर पर मामला विचाराधीन है। निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -कश्मीर सिंह, उप मुख्य अभियंता, बीएसएल परियोजना, सुंदरनगर
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50 साल बाद भी शुरू नहीं हो सकी बग्गी जलविद्युत परियोजना
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। बीएसएल परियोजना के बग्गी वर्क्स कंट्रोल गेट पर प्रस्तावित 42 मेगावाट जलविद्युत परियोजना 50 वर्षों से फ्री बिजली रॉयल्टी के विवाद में अटकी है। संसाधन और उपयुक्त स्थल उपलब्ध होने के बावजूद प्रदेश सरकार और बीबीएमबी के बीच सहमति नहीं बन सकी। इस देरी से परियोजना की अनुमानित लागत 25 करोड़ रुपये से बढ़कर 250 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
शुरुआत में परियोजना हिमाचल सरकार को बनानी थी। बाद में जयराम सरकार ने 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली के प्रावधान के साथ बीबीएमबी से एमओयू किया, लेकिन नई ऊर्जा नीति के तहत मुफ्त बिजली रॉयल्टी बढ़ाने की मांग के बाद काम रुक गया। विशेषज्ञों के अनुसार परियोजना बनने से प्रदेश को हर साल 10 से 12 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली से आय हो सकती है। साथ ही बीएसएल नहर और झील में सिल्ट प्रबंधन बेहतर होगा, ड्रेजिंग की जरूरत घटेगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
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कोट्स
बीबीएमबी और प्रदेश सरकार के उच्च स्तर पर मामला विचाराधीन है। निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -कश्मीर सिंह, उप मुख्य अभियंता, बीएसएल परियोजना, सुंदरनगर
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