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Mandi News: पड्डल मैदान में 52 वर्ष बाद देवताओं को मिला स्थायी आसन
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 19 Feb 2026 09:07 AM IST
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मंडी। छोटी काशी के अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में देव आस्था के सम्मान में एक नया अध्याय जुड़ गया है। वर्ष 1973 से पड्डल मैदान में आयोजित हो रहे इस देव महाकुंभ में पहली बार देवी-देवताओं के बैठने की स्थायी व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की इस पहल से देव समाज की पांच दशक पुरानी मांग पूरी हो गई है।
पड्डल मैदान के दायरे में बनी सीढ़ियों को अब देवी-देवताओं के बैठने के लिए स्थायी रूप से तैयार कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस महोत्सव में मंडी जनपद के 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को आमंत्रित किया जाता है, जिनमें से करीब 190 देवी-देवता हर साल शिरकत करते हैं। पहले स्थायी स्थान न होने से देव समाज को काफी असुविधा होती थी, लेकिन इस बार की व्यवस्था ने पूरे उत्सव का स्वरूप बदल दिया है।
सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिव पाल शर्मा ने बताया कि 52 वर्षों बाद यह व्यवस्था संभव हो पाई है। इसे देव समाज के साथ गहन मंत्रणा के बाद ही अंतिम रूप दिया गया है।
देव भ्रमण शृंखला से सुलभ हुए दर्शन
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रशासन के पास देव समाज की यह मांग लंबे समय से लंबित थी, जिसे इस बार अनुमति के बाद मूर्त रूप दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक देव भ्रमण शृंखला बनाई गई है, जिसके माध्यम से लोग आसानी से कतारबद्ध होकर अपने आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन कर पा रहे हैं।
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पड्डल मैदान के दायरे में बनी सीढ़ियों को अब देवी-देवताओं के बैठने के लिए स्थायी रूप से तैयार कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस महोत्सव में मंडी जनपद के 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को आमंत्रित किया जाता है, जिनमें से करीब 190 देवी-देवता हर साल शिरकत करते हैं। पहले स्थायी स्थान न होने से देव समाज को काफी असुविधा होती थी, लेकिन इस बार की व्यवस्था ने पूरे उत्सव का स्वरूप बदल दिया है।
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सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिव पाल शर्मा ने बताया कि 52 वर्षों बाद यह व्यवस्था संभव हो पाई है। इसे देव समाज के साथ गहन मंत्रणा के बाद ही अंतिम रूप दिया गया है।
देव भ्रमण शृंखला से सुलभ हुए दर्शन
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रशासन के पास देव समाज की यह मांग लंबे समय से लंबित थी, जिसे इस बार अनुमति के बाद मूर्त रूप दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक देव भ्रमण शृंखला बनाई गई है, जिसके माध्यम से लोग आसानी से कतारबद्ध होकर अपने आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन कर पा रहे हैं।