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Mandi News: चुनावी शोर थमने के बाद नगर निगम में फिर शुरू हुआ गृहकर सर्वे
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7000 संपत्तियों का सर्वे पूरा, करीब 8000 संपत्तियां रह गईं शेष
मर्ज एरिया में कृषि भूमि, किचन गार्डन, गोशाला पर नहीं गृहकर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम चुनाव के कारण लगभग एक माह तक बाधित रहा गृहकर सर्वे अब दोबारा शुरू कर दिया गया है। चुनावी प्रक्रिया का असर इस बार गृहकर बिलों पर भी पड़ा है, जिसके चलते हर वर्ष अप्रैल में जारी होने वाले बिल इस बार करीब दो माह की देरी से जारी होने की संभावना है।
नगर निगम क्षेत्र में लगभग 15 हजार संपत्तियों का सर्वे किया जाना है, जिनमें से अब तक करीब 7,000 संपत्तियों का सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे कार्य के लिए अधिकृत एजिसेक कंपनी की सात टीमों ने सात वार्डों में अपना कार्य लगभग पूरा कर लिया है। शेष आठ वार्डों में एक जून से सर्वे टीमें फिर से फील्ड में सक्रिय हो गई हैं।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अपनी संपत्ति से संबंधित गलत जानकारी देता है, तो भविष्य में पकड़े जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद नगर निगम की गृहकर मांग और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। पुराने नगर परिषद क्षेत्र में जहां पहले लगभग 2.60 करोड़ रुपये की गृहकर मांग बनती थी, वहीं नए सर्वे के बाद इसमें काफी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
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नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर ने बताया कि चुनावों के कारण गृहकर बिल जारी करने में थोड़ी देरी हुई है। सर्वे टीमें दोबारा फील्ड में सक्रिय हैं और जल्द ही सर्वे कार्य पूरा कर नए सिरे से गृहकर बिल जारी किए जाएंगे।
मर्ज एरिया में कृषि भूमि, किचन गार्डन, गोशाला पर नहीं गृहकर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम चुनाव के कारण लगभग एक माह तक बाधित रहा गृहकर सर्वे अब दोबारा शुरू कर दिया गया है। चुनावी प्रक्रिया का असर इस बार गृहकर बिलों पर भी पड़ा है, जिसके चलते हर वर्ष अप्रैल में जारी होने वाले बिल इस बार करीब दो माह की देरी से जारी होने की संभावना है।
नगर निगम क्षेत्र में लगभग 15 हजार संपत्तियों का सर्वे किया जाना है, जिनमें से अब तक करीब 7,000 संपत्तियों का सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे कार्य के लिए अधिकृत एजिसेक कंपनी की सात टीमों ने सात वार्डों में अपना कार्य लगभग पूरा कर लिया है। शेष आठ वार्डों में एक जून से सर्वे टीमें फिर से फील्ड में सक्रिय हो गई हैं।
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निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अपनी संपत्ति से संबंधित गलत जानकारी देता है, तो भविष्य में पकड़े जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद नगर निगम की गृहकर मांग और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। पुराने नगर परिषद क्षेत्र में जहां पहले लगभग 2.60 करोड़ रुपये की गृहकर मांग बनती थी, वहीं नए सर्वे के बाद इसमें काफी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
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