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Mandi News: मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी सीटू
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10 अगस्त को होगा जेल भरो आंदोलन, 25 जुलाई को शिमला में प्रदेश स्तरीय अधिवेशन
29 जुलाई को दिल्ली में भी मंडी से जाएंगे सैकड़ों प्रतिनिधि
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सीटू जिला कमेटी ने केंद्र और राज्य सरकार की श्रमिक और ग्रामीण रोजगार संबंधी नीतियों के विरोध में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। शनिवार को ताराचंद भवन में आयोजित जिला कमेटी की बैठक में 10 अगस्त को मंडी जिले के चार स्थानों पर ‘जेल भरो’ आंदोलन चलाने का फैसला लिया गया। इस दौरान मजदूर और किसान स्वेच्छा से गिरफ्तारी देंगे।
जिला उपाध्यक्ष गुरदास वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में रेहड़ी-फड़ी, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, 102-108 एंबुलेंस, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा सफाई मजदूर यूनियनों से जुड़े जिला कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण स्कीम वर्करों और मनरेगा मजदूरों का शोषण बढ़ा है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार की ओर से 44 श्रम कानूनों के स्थान पर लागू की गई चार श्रम संहिताएं श्रमिक हितों के खिलाफ हैं और सीटू इनका लगातार विरोध करती रहेगी। वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा के स्थान पर लागू की गई नई व्यवस्था ग्रामीण मजदूरों के हितों के प्रतिकूल है, जिससे रोजगार के अवसर कम हुए हैं। यह भी निर्णय लिया गया कि 25 जुलाई को शिमला में आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान-मजदूर अधिवेशन तथा 29 जुलाई को दिल्ली में होने वाले अधिवेशन में मंडी जिले से बड़ी संख्या में मजदूर और किसान भाग लेंगे।
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29 जुलाई को दिल्ली में भी मंडी से जाएंगे सैकड़ों प्रतिनिधि
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सीटू जिला कमेटी ने केंद्र और राज्य सरकार की श्रमिक और ग्रामीण रोजगार संबंधी नीतियों के विरोध में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। शनिवार को ताराचंद भवन में आयोजित जिला कमेटी की बैठक में 10 अगस्त को मंडी जिले के चार स्थानों पर ‘जेल भरो’ आंदोलन चलाने का फैसला लिया गया। इस दौरान मजदूर और किसान स्वेच्छा से गिरफ्तारी देंगे।
जिला उपाध्यक्ष गुरदास वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में रेहड़ी-फड़ी, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, 102-108 एंबुलेंस, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा सफाई मजदूर यूनियनों से जुड़े जिला कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण स्कीम वर्करों और मनरेगा मजदूरों का शोषण बढ़ा है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार की ओर से 44 श्रम कानूनों के स्थान पर लागू की गई चार श्रम संहिताएं श्रमिक हितों के खिलाफ हैं और सीटू इनका लगातार विरोध करती रहेगी। वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा के स्थान पर लागू की गई नई व्यवस्था ग्रामीण मजदूरों के हितों के प्रतिकूल है, जिससे रोजगार के अवसर कम हुए हैं। यह भी निर्णय लिया गया कि 25 जुलाई को शिमला में आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान-मजदूर अधिवेशन तथा 29 जुलाई को दिल्ली में होने वाले अधिवेशन में मंडी जिले से बड़ी संख्या में मजदूर और किसान भाग लेंगे।
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