{"_id":"6a733c80fe2f8d92100b1c34","slug":"councilors-anger-erupted-over-not-receiving-the-agenda-on-time-for-the-first-meeting-mandi-news-c-90-1-mnd1027-207805-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: पहली बैठक में समय पर एजेंडा न मिलने पर फूटा पार्षदों का गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: पहली बैठक में समय पर एजेंडा न मिलने पर फूटा पार्षदों का गुस्सा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महापौर ने गुलाब का फूल देकर मांगी देरी की क्षमा, आयुक्त को माननी पड़ी व्यवस्था की चूक
एमसी एक्ट की अनदेखी पर सदन में उठे सवाल, भविष्य में नियमों के सख्त पालन का मिला आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के नए कार्यकाल की पहली ही बैठक विवादों और हंगामे के साये में शुरू हुई। तय समय पूर्वाह्न 11 बजे सभागार में महज चार पार्षद कृष्णा ठाकुर, अलकनंदा हांडा, सरिता हांडा और रीता ही उपस्थित थीं, जिन्होंने बैठक का एजेंडा समय पर न मिलने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके बाद पहुंचे पार्षद गगन कश्यप और निर्मल वर्मा ने भी इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। पार्षदों का पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा।
पूर्वाह्न 11:09 बजे महापौर सुमन ठाकुर ने सभागार में प्रवेश किया और देरी के लिए क्षमा मांगते हुए पार्षदों को गुलाब का फूल भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद 11:11 बजे पार्षद गुरदीप कौर, नेहा वर्धन, रजनी, फिर 11:16 बजे वीरेंद्र आर्य, जितेंद्र गुलेरिया, उपमहापौर जितेंद्र शर्मा और 11:19 बजे पार्षद नर्वदा मोहन पहुंचीं। करीब 11:20 बजे आयुक्त डॉ. मदन कुमार के आगमन के बाद अनुभाग अधिकारी राकेश ने सदन की कार्यवाही शुरू की।
जैसे ही महापौर सुमन ठाकुर ने अपना स्वागत भाषण शुरू किया, उनके मात्र चार शब्द बोलते ही पार्षद गगन कश्यप ने नगर निगम अधिनियम का हवाला देते हुए बैठक के औचित्य पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नियम अनुसार बैठक की लिखित सूचना और एजेंडा 5 दिन पूर्व मिलना चाहिए। जबकि कई पार्षदों को इसकी जानकारी आज ही दी गई।
विज्ञापन
सदन में उठे इस गंभीर मुद्दे और पार्षदों के कड़े रुख को देखते हुए आयुक्त डॉ. मदन कुमार ने स्वीकार किया कि नए कार्यकाल की पहली बैठक होने के कारण व्यवस्था में कुछ त्रुटियां रह गईं। उन्होंने पार्षदों को आश्वस्त किया कि भविष्य में नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।
विज्ञापन
एमसी एक्ट की अनदेखी पर सदन में उठे सवाल, भविष्य में नियमों के सख्त पालन का मिला आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के नए कार्यकाल की पहली ही बैठक विवादों और हंगामे के साये में शुरू हुई। तय समय पूर्वाह्न 11 बजे सभागार में महज चार पार्षद कृष्णा ठाकुर, अलकनंदा हांडा, सरिता हांडा और रीता ही उपस्थित थीं, जिन्होंने बैठक का एजेंडा समय पर न मिलने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके बाद पहुंचे पार्षद गगन कश्यप और निर्मल वर्मा ने भी इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। पार्षदों का पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा।
पूर्वाह्न 11:09 बजे महापौर सुमन ठाकुर ने सभागार में प्रवेश किया और देरी के लिए क्षमा मांगते हुए पार्षदों को गुलाब का फूल भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद 11:11 बजे पार्षद गुरदीप कौर, नेहा वर्धन, रजनी, फिर 11:16 बजे वीरेंद्र आर्य, जितेंद्र गुलेरिया, उपमहापौर जितेंद्र शर्मा और 11:19 बजे पार्षद नर्वदा मोहन पहुंचीं। करीब 11:20 बजे आयुक्त डॉ. मदन कुमार के आगमन के बाद अनुभाग अधिकारी राकेश ने सदन की कार्यवाही शुरू की।
विज्ञापन
जैसे ही महापौर सुमन ठाकुर ने अपना स्वागत भाषण शुरू किया, उनके मात्र चार शब्द बोलते ही पार्षद गगन कश्यप ने नगर निगम अधिनियम का हवाला देते हुए बैठक के औचित्य पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नियम अनुसार बैठक की लिखित सूचना और एजेंडा 5 दिन पूर्व मिलना चाहिए। जबकि कई पार्षदों को इसकी जानकारी आज ही दी गई।
विज्ञापन
सदन में उठे इस गंभीर मुद्दे और पार्षदों के कड़े रुख को देखते हुए आयुक्त डॉ. मदन कुमार ने स्वीकार किया कि नए कार्यकाल की पहली बैठक होने के कारण व्यवस्था में कुछ त्रुटियां रह गईं। उन्होंने पार्षदों को आश्वस्त किया कि भविष्य में नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।