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Mandi News: डायवर्जन प्वाइंट बने मुसीबत, हांफ रहे वाहन, लग रहा जाम
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सड़क बदलाव ने बिगाड़ी रफ्तार, जाम से लोग बेहाल
ग्राउंड रिपोर्ट
फोरलेन निर्माण में कोताही से जाम ने बढ़ाईं दिककितें, हादसों का खतरा
गहरे गड्ढों के कारण भारी वाहनों को चढ़ाई पर लगाना पड़ रहा धक्का
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। निर्माणाधीन नारला-मंडी फोरलेन पर कुन्नू और माणा डायवर्जन प्वाइंट जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गए हैं। इन स्थानों पर वाहनों को अक्सर धक्का लगाना पड़ रहा है और दिन में कई बार वाहन फंस रहे हैं। छोटे वाहन किसी तरह निकल जाते हैं, लेकिन भारी वाहनों के फंसने से यहां जाम लगना आम हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि यातायात बहाल रखने के लिए पुलिस बल तक तैनात करना पड़ा है।
निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही हादसों को भी न्योता दे रही है। यहां से गुजरने वाले वाहनों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। निर्माण कंपनी की ओर से अव्यवस्थित ढंग से बनाए गए इन डायवर्जन प्वाइंटों पर भारी वाहन फंस जाते हैं, जिससे घंटों लंबा जाम लग जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, कॉलेज छात्रों और रोजमर्रा के काम पर जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कंपनी के दावों के बावजूद वाहन चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनी इन डायवर्जन प्वाइंटों का समय-समय पर रखरखाव नहीं कर रही है। गहरे गड्ढों के कारण भारी वाहन चढ़ाई नहीं चढ़ पाते। दिन में कंपनी की मशीनें किसी तरह वाहनों को निकाल देती हैं, लेकिन रात के समय कोई व्यवस्था न होने से वाहन पूरी रात जाम में फंसे रहते हैं। जाम के साथ उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का छिड़काव केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। भीषण गर्मी में कुछ ही मिनटों में सड़क सूख जाती है, जिससे धूल फिर से उड़ने लगती है और वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी होती है।
स्थानीय निवासी रमेश सोनी, लोकेश ठाकुर, रूप लाल और चमन ठाकुर का कहना है कि कंपनी ने डायवर्जन प्वाइंट 90 डिग्री के तीखे मोड़ों पर बनाए हैं, जिससे वाहन मुड़ नहीं पाते और फंस जाते हैं। इन खराब रास्तों से वाहनों के कलपुर्जों को भी भारी नुकसान हो रहा है। हाईवे पर बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए पुलिस विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, भारी वाहन फंसने पर कंपनी की ओर से मशीनें भेजने में भी देरी की जा रही है।
बॉक्स
जाम खुलवाने के लिए माणा और कुन्नू में पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, रात के समय ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।-- -थाना प्रभारी पधर अनिल कटोच
बॉक्स
डायवर्जन प्वाइंटों को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। यहां गिट्टी बिछाई जा रही है और ग्रेडर मशीन के जरिए रास्तों को समतल किया जा रहा है। -निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सिद्धार्थ
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फोरलेन निर्माण में कोताही से जाम ने बढ़ाईं दिककितें, हादसों का खतरा
गहरे गड्ढों के कारण भारी वाहनों को चढ़ाई पर लगाना पड़ रहा धक्का
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। निर्माणाधीन नारला-मंडी फोरलेन पर कुन्नू और माणा डायवर्जन प्वाइंट जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गए हैं। इन स्थानों पर वाहनों को अक्सर धक्का लगाना पड़ रहा है और दिन में कई बार वाहन फंस रहे हैं। छोटे वाहन किसी तरह निकल जाते हैं, लेकिन भारी वाहनों के फंसने से यहां जाम लगना आम हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि यातायात बहाल रखने के लिए पुलिस बल तक तैनात करना पड़ा है।
निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही हादसों को भी न्योता दे रही है। यहां से गुजरने वाले वाहनों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। निर्माण कंपनी की ओर से अव्यवस्थित ढंग से बनाए गए इन डायवर्जन प्वाइंटों पर भारी वाहन फंस जाते हैं, जिससे घंटों लंबा जाम लग जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, कॉलेज छात्रों और रोजमर्रा के काम पर जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कंपनी के दावों के बावजूद वाहन चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनी इन डायवर्जन प्वाइंटों का समय-समय पर रखरखाव नहीं कर रही है। गहरे गड्ढों के कारण भारी वाहन चढ़ाई नहीं चढ़ पाते। दिन में कंपनी की मशीनें किसी तरह वाहनों को निकाल देती हैं, लेकिन रात के समय कोई व्यवस्था न होने से वाहन पूरी रात जाम में फंसे रहते हैं। जाम के साथ उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का छिड़काव केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। भीषण गर्मी में कुछ ही मिनटों में सड़क सूख जाती है, जिससे धूल फिर से उड़ने लगती है और वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी होती है।
स्थानीय निवासी रमेश सोनी, लोकेश ठाकुर, रूप लाल और चमन ठाकुर का कहना है कि कंपनी ने डायवर्जन प्वाइंट 90 डिग्री के तीखे मोड़ों पर बनाए हैं, जिससे वाहन मुड़ नहीं पाते और फंस जाते हैं। इन खराब रास्तों से वाहनों के कलपुर्जों को भी भारी नुकसान हो रहा है। हाईवे पर बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए पुलिस विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, भारी वाहन फंसने पर कंपनी की ओर से मशीनें भेजने में भी देरी की जा रही है।
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जाम खुलवाने के लिए माणा और कुन्नू में पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, रात के समय ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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डायवर्जन प्वाइंटों को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। यहां गिट्टी बिछाई जा रही है और ग्रेडर मशीन के जरिए रास्तों को समतल किया जा रहा है। -निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सिद्धार्थ

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