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Mandi News: हर साल 400 यूनिट रक्त पर जरूरत पर नहीं मिलता

Sun, 02 Aug 2026 12:51 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:51 AM IST
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Every year, there is a shortfall of 400 units of blood.
जोगिंद्रनगर अस्पताल में ब्लड बैंक न होने से बाहर भेजना पड़ रहा रक्त
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आपातकाल में रक्त की उपलब्धता बड़ी चुनौती
मरीजों को जाना पड़ रहा टांडा और नेरचौक अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में आज तक ब्लड बैंक स्थापित नहीं हो सका है। इसके चलते क्षेत्र में रक्तदान शिविरों से एकत्र होने वाला करीब 300 से 400 यूनिट रक्त हर वर्ष भंडारण के लिए टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ता है। जरूरत के समय स्थानीय अस्पताल में मरीजों को रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता।
1940 के दशक में स्थापित यह अस्पताल लडभड़ोल, चौहारघाटी और जोगिंद्रनगर उपमंडल के करीब दो लाख लोगों का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां सर्जरी, सिजेरियन प्रसव और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अक्सर रक्त की जरूरत पड़ती है। ब्लड बैंक नहीं होने से मरीजों के परिजनों को रक्त के लिए टांडा या नेरचौक जाना पड़ता है, जिससे कई बार उपचार में देरी हो जाती है।
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क्षेत्र में हर वर्ष चार से छह रक्तदान शिविर आयोजित होते हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर सुरक्षित भंडारण की सुविधा न होने के कारण पूरा रक्त संग्रह दूसरे अस्पतालों को भेज दिया जाता है। ऐसे में आपात स्थिति में अस्पताल के पास अपना रक्त भंडार उपलब्ध नहीं रहता।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि जोगिंद्रनगर अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने के लिए एसएमओ को आवश्यक दिशानिर्देश दिए जाएंगे और नई औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
तत्काल जरूरत पर होती है परेशानी
स्थानीय निवासी रमन बहल ने कहा कि ब्लड बैंक की सुविधा न होने से टांडा और नेरचौक से रक्त मंगाने की औपचारिकताएं भी मरीजों की परेशानी बढ़ा देती हैं। कई बार तत्काल जरूरत के समय डोनर नहीं मिलते, जिससे गंभीर मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोगिंद्रनगर अस्पताल में ब्लड बैंक स्थापित करने की मांग की।

सर्जरी और सिजेरियन के मरीज सबसे अधिक प्रभावित
स्थानीय निवासी गुरुशरण परमार ने कहा कि सिजेरियन प्रसव और शल्य चिकित्सा के दौरान रक्त की जरूरत पड़ने पर मरीजों के परिजनों को नेरचौक और टांडा के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
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