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Mandi News: सराज में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नवीन दृष्टिकोण पर मंथन
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11 छात्रों ने अपने शोध कार्यों की दी प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय सराज में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नवीन दृष्टिकोण अवधारणा से समाज तक विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के निदेशक सह-प्राचार्य प्रो. राजू एल के संबोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथियों, विशिष्ट वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता तथा इसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने-अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। आईएचबीटी, पालमपुर के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. महेश गुप्ता ने न्यूट्रास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य का भविष्य, विज्ञान से स्टार्टअप तक विषय पर व्याख्यान दिया। वहीं, डॉ. दमनप्रीत सिंह, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक, आईएचबीटी पालमपुर ने तंत्रिका विज्ञान में मस्तिष्क अनुसंधान तथा औषधि खोज में ज़ेब्राफ़िश मॉडल विषय पर अपने विचार साझा किए।
दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार ने फार्माकोलॉजी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर प्रकाश डाला। इसी विश्वविद्यालय के डॉ. देवेश तिवारी ने हिमालयी जैव संसाधनों का अन्वेषण तथा ट्रांसलेशनल थेरेप्यूटिक्स के लिए उन्नत ड्रग डिलीवरी सिस्टम में उनका एकीकरण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर 11 छात्रों ने अपने शोध कार्यों की प्रस्तुति दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय सराज में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नवीन दृष्टिकोण अवधारणा से समाज तक विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के निदेशक सह-प्राचार्य प्रो. राजू एल के संबोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथियों, विशिष्ट वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता तथा इसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने-अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। आईएचबीटी, पालमपुर के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. महेश गुप्ता ने न्यूट्रास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य का भविष्य, विज्ञान से स्टार्टअप तक विषय पर व्याख्यान दिया। वहीं, डॉ. दमनप्रीत सिंह, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक, आईएचबीटी पालमपुर ने तंत्रिका विज्ञान में मस्तिष्क अनुसंधान तथा औषधि खोज में ज़ेब्राफ़िश मॉडल विषय पर अपने विचार साझा किए।
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दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार ने फार्माकोलॉजी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर प्रकाश डाला। इसी विश्वविद्यालय के डॉ. देवेश तिवारी ने हिमालयी जैव संसाधनों का अन्वेषण तथा ट्रांसलेशनल थेरेप्यूटिक्स के लिए उन्नत ड्रग डिलीवरी सिस्टम में उनका एकीकरण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर 11 छात्रों ने अपने शोध कार्यों की प्रस्तुति दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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