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Mandi News: मध्यस्थता से लंबित मामलों के निस्तारण का मिलेगा मौका
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चेक बाउंस, वाणिज्यिक और अन्य विवाद सुलझाने में मिलेगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) के मार्गदर्शन में मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से त्वरित, प्रभावी एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी विवेक कायस्थ ने बताया कि अभियान के अंतर्गत विवाह एवं पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना दावा प्रकरण, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक अनादरण (चेक बाउंस) मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, श्रम विवाद, उपभोक्ता मामले, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रकरण और अन्य समझौता योग्य दीवानी एवं आपराधिक मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है।
मध्यस्थता एक ऐसी वैकल्पिक विवाद निवारण प्रक्रिया है, जिसमें पक्षकारों के बीच उत्पन्न विवाद का समाधान एक प्रशिक्षित एवं निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है। यह प्रक्रिया गोपनीय, सरल, समय एवं धन की बचत करने वाली तथा पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में सहायक होती है।
कायस्थ ने जनता से इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाने का आग्रह किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) के मार्गदर्शन में मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से त्वरित, प्रभावी एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी विवेक कायस्थ ने बताया कि अभियान के अंतर्गत विवाह एवं पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना दावा प्रकरण, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक अनादरण (चेक बाउंस) मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, श्रम विवाद, उपभोक्ता मामले, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रकरण और अन्य समझौता योग्य दीवानी एवं आपराधिक मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है।
मध्यस्थता एक ऐसी वैकल्पिक विवाद निवारण प्रक्रिया है, जिसमें पक्षकारों के बीच उत्पन्न विवाद का समाधान एक प्रशिक्षित एवं निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है। यह प्रक्रिया गोपनीय, सरल, समय एवं धन की बचत करने वाली तथा पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में सहायक होती है।
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कायस्थ ने जनता से इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाने का आग्रह किया है।