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Mandi News: कलात्मक हुनर से मीनाक्षी बनीं सम्मान की हकदार
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खेल-खेल में बच्चों को वस्तु ज्ञान और शिक्षित करने के लिए कर रहीं प्रयास
समाज शास्त्र में स्नातकोत्तर मीनाक्षी नौकरी न मिलने पर दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। समाज में आज महिलाओं ने अपनी मेहनत के दम पर खुद को स्थापित कर नई पहचान बनाई है। मंडी शहर के दरम्याना आंगनबाड़ी केंद्र-2 की कार्यकर्ता मीनाक्षी भी ऐसी ही प्रेरणादायक महिलाओं में शामिल हैं। अपनी कलात्मक और रचनात्मक सोच के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करने तथा उनमें समझ और परख विकसित करने के उत्कृष्ट कार्य के लिए मीनाक्षी को मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया गया है।
समाज शास्त्र में स्नातकोत्तर मीनाक्षी को जब नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में अपना सफर शुरू किया। सराज घाटी के बालीचौकी में एक साधारण परिवार से संबंध रखने वाली मीनाक्षी का विवाह मंडी शहर के दरम्याना मोहल्ले में हुआ है।
उन्होंने आंगनबाड़ी के बच्चों को बेहतर ढंग से शिक्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के डोमेज (मॉडल) तैयार किए हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी और जिला परियोजना अधिकारी के प्रोत्साहन से उनके बेहतरीन कार्यों को पहचान मिली और हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नाहन में उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया गया।
मीनाक्षी ने आंगनबाड़ी में सभी बच्चों के लिए वर्दी की व्यवस्था शुरू की है और आंगनबाड़ी के नाम से एक फेसबुक अकाउंट भी बनाया है। बचपन से ही रचनात्मक सोच रखने वाली मीनाक्षी हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करती रहती हैं। वर्तमान में वह 12 बच्चों के साथ-साथ गर्भवती और धात्री महिलाओं के विकास के लिए भी कार्य कर रही हैं। बच्चों को सरल और खेल-खेल में शिक्षा देने के उद्देश्य से उन्होंने बेकार (वेस्ट) सामग्री से डोमेज मॉडल तैयार किए हैं। इनकी सहायता से बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भाषाई, भावनात्मक और सामाजिक विकास के साथ-साथ शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विकास भी सुनिश्चित किया जा रहा है। वह प्रतिदिन बच्चों के साथ विभिन्न गतिविधियां कराती हैं, हर महीने अभिभावकों के साथ बैठक कर सुधार के प्रयास करती हैं और सप्ताह में एक बार बच्चों को प्रकृति के बीच ले जाकर उन्हें आसपास की चीजों की पहचान और समझ विकसित कराती हैं, जिससे उनकी कलात्मक रुचियां भी निखरती हैं। मीनाक्षी का कहना है कि हर व्यक्ति को हमेशा कुछ न कुछ करते रहना चाहिए। जरूरी नहीं कि सभी को नौकरी मिले। यदि मन में समाज के लिए कुछ करने की इच्छा हो तो बिना समय व्यर्थ गंवाए जन सहयोग और समाज सेवा के माध्यम से भी योगदान दिया जा सकता है।
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समाज शास्त्र में स्नातकोत्तर मीनाक्षी नौकरी न मिलने पर दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। समाज में आज महिलाओं ने अपनी मेहनत के दम पर खुद को स्थापित कर नई पहचान बनाई है। मंडी शहर के दरम्याना आंगनबाड़ी केंद्र-2 की कार्यकर्ता मीनाक्षी भी ऐसी ही प्रेरणादायक महिलाओं में शामिल हैं। अपनी कलात्मक और रचनात्मक सोच के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करने तथा उनमें समझ और परख विकसित करने के उत्कृष्ट कार्य के लिए मीनाक्षी को मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया गया है।
समाज शास्त्र में स्नातकोत्तर मीनाक्षी को जब नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में अपना सफर शुरू किया। सराज घाटी के बालीचौकी में एक साधारण परिवार से संबंध रखने वाली मीनाक्षी का विवाह मंडी शहर के दरम्याना मोहल्ले में हुआ है।
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उन्होंने आंगनबाड़ी के बच्चों को बेहतर ढंग से शिक्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के डोमेज (मॉडल) तैयार किए हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी और जिला परियोजना अधिकारी के प्रोत्साहन से उनके बेहतरीन कार्यों को पहचान मिली और हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नाहन में उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया गया।
मीनाक्षी ने आंगनबाड़ी में सभी बच्चों के लिए वर्दी की व्यवस्था शुरू की है और आंगनबाड़ी के नाम से एक फेसबुक अकाउंट भी बनाया है। बचपन से ही रचनात्मक सोच रखने वाली मीनाक्षी हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करती रहती हैं। वर्तमान में वह 12 बच्चों के साथ-साथ गर्भवती और धात्री महिलाओं के विकास के लिए भी कार्य कर रही हैं। बच्चों को सरल और खेल-खेल में शिक्षा देने के उद्देश्य से उन्होंने बेकार (वेस्ट) सामग्री से डोमेज मॉडल तैयार किए हैं। इनकी सहायता से बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भाषाई, भावनात्मक और सामाजिक विकास के साथ-साथ शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विकास भी सुनिश्चित किया जा रहा है। वह प्रतिदिन बच्चों के साथ विभिन्न गतिविधियां कराती हैं, हर महीने अभिभावकों के साथ बैठक कर सुधार के प्रयास करती हैं और सप्ताह में एक बार बच्चों को प्रकृति के बीच ले जाकर उन्हें आसपास की चीजों की पहचान और समझ विकसित कराती हैं, जिससे उनकी कलात्मक रुचियां भी निखरती हैं। मीनाक्षी का कहना है कि हर व्यक्ति को हमेशा कुछ न कुछ करते रहना चाहिए। जरूरी नहीं कि सभी को नौकरी मिले। यदि मन में समाज के लिए कुछ करने की इच्छा हो तो बिना समय व्यर्थ गंवाए जन सहयोग और समाज सेवा के माध्यम से भी योगदान दिया जा सकता है।