चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में विभिन्न कंपनियों के अधीन कार्य करने वाले करीब 500 आउटसोर्स कर्मचारी धरने पर बैठ सकते हैं। इसके लिए कर्मचारी यूनियन ने मंगलवार को उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंप दिया है। इसमें उन्होंने उपायुक्त को अवगत करवाया कि तीन माह से बिना वेतन काम करना अब इन कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो गया है। नियमित कर्मचारियों के साथ बराबर काम करने के बावजूद उन्हें बराबर वेतन मिलना तो दूर की बात है, जो वेतन मिलता है उसे भी नहीं दिया जा रहा है। जनवरी, फरवरी और मार्च का वेतन कर्मचारियों के खातों में नहीं पहुंचा है। अब इन कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटने लगा है। यही वजह है कि अब कर्मचारियों ने हड़ताल और धरना देने का मन बना लिया है। इसको लेकर जिला प्रशासन से लेकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को भी अवगत करवा दिया गया है।
यूनियन के प्रधान राजेंद्र राजू ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में विभिन्न कंपनियों के अधीन 500 आउटसोर्स कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। कुछ विभाग ऐसे हैं जहां काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को पांच से छह माह का न तो ईपीएफ मिला है और न वेतन मिला है। स्कूलों में बच्चों की एडमिशन का दौर चला है लेकिन, बिना वेतन कर्मचारियों को अपने बच्चों की एडमिशन करवाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि हड़ताल करने की नौबत न आए, इसके लिए सरकार से समन्वय करके उनकी मांगों को पूरा करवाया जाए। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा।
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