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Mandi News: सरकाघाट में स्मार्ट बिजली मीटर का विरोध
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सरकाघाट (मंडी)। बिजली बोर्ड की ओर से मंगलवार को सरकाघाट में आयोजित स्मार्ट मीटर जागरूकता बैठक में उपभोक्ताओं ने योजना का विरोध किया। इसमें निजीकरण और भविष्य में बिजली दरों में वृद्धि की आशंका जताई। लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक का उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के लाभों के प्रति जागरूक करना रहा, लेकिन लोगों ने अधिकारियों से तीखे सवाल करते हुए स्मार्ट मीटर लगाने पर आपत्ति जताई।
बैठक में बिजली बोर्ड की ओर से एसडीओ भद्रवाड़ हंस राज और सहायक अभियंता राज पराशर अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर के तकनीकी लाभों और पारदर्शिता की जानकारी दी। उपभोक्ताओं, किसान सभा के प्रतिनिधियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने योजना के औचित्य पर सवाल उठाए।
बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त पेंशनर्स फोरम रिवालसर के अध्यक्ष दौलत राणा ने कहा कि सरकार पेंशनरों के लंबित भत्तों का भुगतान नहीं कर पा रही है लेकिन स्मार्ट मीटर लगाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकाघाट विस क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी मुनीश शर्मा ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना बिजली बोर्ड के निजीकरण की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद भारद्वाज ने सुझाव दिया कि स्मार्ट मीटर पर खर्च करने के बजाय कर्मचारियों की सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। बैठक में वीरी सिंह, विनोद कुमार, सोहन सिंह, दलीप ठाकुर, शशि पाल, पृथी पाल आदि उपस्थित रहे।
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मीटर लगाने से इन्कार पर नहीं होगी कार्रवाई
उपभोक्ताओं की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सहायक अभियंता राज पराशर ने स्पष्ट किया कि यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति नहीं देता है तो उसके विरुद्ध फिलहाल किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई के संबंध में सरकार की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। कहा कि स्मार्ट मीटर लगवाना उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर करेगा।
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बैठक में बिजली बोर्ड की ओर से एसडीओ भद्रवाड़ हंस राज और सहायक अभियंता राज पराशर अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर के तकनीकी लाभों और पारदर्शिता की जानकारी दी। उपभोक्ताओं, किसान सभा के प्रतिनिधियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने योजना के औचित्य पर सवाल उठाए।
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बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त पेंशनर्स फोरम रिवालसर के अध्यक्ष दौलत राणा ने कहा कि सरकार पेंशनरों के लंबित भत्तों का भुगतान नहीं कर पा रही है लेकिन स्मार्ट मीटर लगाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकाघाट विस क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी मुनीश शर्मा ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना बिजली बोर्ड के निजीकरण की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद भारद्वाज ने सुझाव दिया कि स्मार्ट मीटर पर खर्च करने के बजाय कर्मचारियों की सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। बैठक में वीरी सिंह, विनोद कुमार, सोहन सिंह, दलीप ठाकुर, शशि पाल, पृथी पाल आदि उपस्थित रहे।
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मीटर लगाने से इन्कार पर नहीं होगी कार्रवाई
उपभोक्ताओं की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सहायक अभियंता राज पराशर ने स्पष्ट किया कि यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति नहीं देता है तो उसके विरुद्ध फिलहाल किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई के संबंध में सरकार की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। कहा कि स्मार्ट मीटर लगवाना उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर करेगा।
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