{"_id":"6a411394634792841e00e4e5","slug":"sukhu-government-pursuing-himachal-on-sale-policy-jamwal-mandi-news-c-90-1-mnd1001-202698-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल ऑन सेल की नीति पर चल रही सुक्खू सरकार : जम्वाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल ऑन सेल की नीति पर चल रही सुक्खू सरकार : जम्वाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल को 30 वर्षों की लीज पर देने के फैसले पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। भाजपा विधायक एवं मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने शिमला स्थित विश्व प्रसिद्ध वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल को 30 वर्षों की लीज पर देने के प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद सरकार के नियंत्रण में आई इस प्रतिष्ठित संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने की क्या मजबूरी है और इससे किसे लाभ पहुंचाया जा रहा है। लंबी अवधि की लीज के बाद भविष्य में इसे वापस लेना सरकार के लिए फिर कानूनी चुनौती बन सकता है। यदि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम अपने ऐतिहासिक होटलों का संचालन नहीं कर सकता तो यह निगम के अस्तित्व और प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है।
जम्वाल ने कहा कि पर्यटन के तेजी से बढ़ते दौर में निगम का घाटे में रहना सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी संपत्तियों को निजी हितों के लिए सौंपने के प्रयास का भाजपा सड़क से सदन तक विरोध करेगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। भाजपा विधायक एवं मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने शिमला स्थित विश्व प्रसिद्ध वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल को 30 वर्षों की लीज पर देने के प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद सरकार के नियंत्रण में आई इस प्रतिष्ठित संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने की क्या मजबूरी है और इससे किसे लाभ पहुंचाया जा रहा है। लंबी अवधि की लीज के बाद भविष्य में इसे वापस लेना सरकार के लिए फिर कानूनी चुनौती बन सकता है। यदि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम अपने ऐतिहासिक होटलों का संचालन नहीं कर सकता तो यह निगम के अस्तित्व और प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है।
जम्वाल ने कहा कि पर्यटन के तेजी से बढ़ते दौर में निगम का घाटे में रहना सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी संपत्तियों को निजी हितों के लिए सौंपने के प्रयास का भाजपा सड़क से सदन तक विरोध करेगी।
विज्ञापन