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Mandi News: स्वदेशी राखियां बनीं महिलाओं की पहली पसंद
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रेशम के धागे में चंदन और रुद्राक्ष की राखियां बनीं आकर्षण
28 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही मंडी जिले के बाजार स्वदेशी राखियों से सज गए हैं। कारोबारियों ने इस बार भी चाइनीज राखियों का पूरी तरह बहिष्कार किया है। 28 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई है।
दुकानों पर बच्चों की पसंद की कार्टून राखियों के साथ रेशम के धागे, रुद्राक्ष, चंदन और मोतियों से सजी आकर्षक राखियां उपलब्ध हैं। त्योहार को लेकर चुनिंदा दुकानों में ग्रीटिंग कार्ड भी पहुंच गए हैं।
शनिवार को जोगिंद्रनगर की प्रमुख दुकानों में युवतियों ने राखियां खरीदीं। खरीदारी करने आई सुनंदा, कविता, मीनाक्षी और डिंपल ने बताया कि वे इस बार भी अपने भाइयों की कलाई पर स्वदेशी राखी ही बांधेंगी। जोगिंद्रनगर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन के अवसर पर 300 से अधिक दुकानें सजती हैं। हर वर्ष इस पर्व पर करीब 50 से 60 लाख रुपये के कारोबार का अनुमान रहता है। बाजार में 10 रुपये से लेकर 150 रुपये तक की आकर्षक राखियां उपलब्ध हैं। शहर के मंदिर मार्ग, मुख्य बाजार, लक्ष्मी बाजार और साईं मार्केट में राखियों की विशेष दुकानें सजी हैं। दुकानदार गुरप्रीत सिंह, राजेश सूद, मनोहर लाल, अनु शर्मा, सविता शर्मा और सचिन मरवाह ने बताया कि ग्राहकों के लिए विभिन्न डिजाइन और कीमतों की आकर्षक स्वदेशी राखियां उपलब्ध हैं।
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28 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही मंडी जिले के बाजार स्वदेशी राखियों से सज गए हैं। कारोबारियों ने इस बार भी चाइनीज राखियों का पूरी तरह बहिष्कार किया है। 28 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई है।
दुकानों पर बच्चों की पसंद की कार्टून राखियों के साथ रेशम के धागे, रुद्राक्ष, चंदन और मोतियों से सजी आकर्षक राखियां उपलब्ध हैं। त्योहार को लेकर चुनिंदा दुकानों में ग्रीटिंग कार्ड भी पहुंच गए हैं।
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शनिवार को जोगिंद्रनगर की प्रमुख दुकानों में युवतियों ने राखियां खरीदीं। खरीदारी करने आई सुनंदा, कविता, मीनाक्षी और डिंपल ने बताया कि वे इस बार भी अपने भाइयों की कलाई पर स्वदेशी राखी ही बांधेंगी। जोगिंद्रनगर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन के अवसर पर 300 से अधिक दुकानें सजती हैं। हर वर्ष इस पर्व पर करीब 50 से 60 लाख रुपये के कारोबार का अनुमान रहता है। बाजार में 10 रुपये से लेकर 150 रुपये तक की आकर्षक राखियां उपलब्ध हैं। शहर के मंदिर मार्ग, मुख्य बाजार, लक्ष्मी बाजार और साईं मार्केट में राखियों की विशेष दुकानें सजी हैं। दुकानदार गुरप्रीत सिंह, राजेश सूद, मनोहर लाल, अनु शर्मा, सविता शर्मा और सचिन मरवाह ने बताया कि ग्राहकों के लिए विभिन्न डिजाइन और कीमतों की आकर्षक स्वदेशी राखियां उपलब्ध हैं।
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