{"_id":"6a6c8a869c369b64250760be","slug":"touts-active-at-the-regional-hospital-a-scheme-to-divert-patients-to-private-labs-mandi-news-c-90-1-ssml1025-207155-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: क्षेत्रीय अस्पताल में दलाल सक्रिय, मरीजों को निजी लैब भेजने का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: क्षेत्रीय अस्पताल में दलाल सक्रिय, मरीजों को निजी लैब भेजने का खेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वार्डों और ओपीडी से बहला-फुसलाकर ले जा रहे मरीज
चेतावनी बोर्ड भी बने शोपीस, कार्रवाई की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी।
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को निजी अस्पतालों और लैब तक पहुंचाने वाले दलालों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। अस्पताल परिसर में घूम रहे कुछ निजी संस्थानों के कर्मचारी मरीजों को जल्द जांच और बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी लैब व अस्पतालों तक ले जा रहे हैं।
ये लोग ओपीडी, पर्ची काउंटर और वार्डों के बाहर सक्रिय रहते हैं तथा दूरदराज से आए गरीब, बुजुर्ग और असहाय मरीजों को निशाना बनाते हैं। लंबी कतार और रिपोर्ट में देरी का हवाला देकर उन्हें निजी लैब में जांच कराने के लिए तैयार किया जाता है, जहां उनसे अधिक राशि वसूली जाती है। कई मामलों में गंभीर मरीजों के सैंपल भी अस्पताल से ही निजी संस्थानों के कर्मचारी ले जाते देखे गए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को सतर्क करने के लिए परिसर में सूचना बोर्ड लगाए है लेकिन अधिकांश बोर्ड क्षतिग्रस्त या उखड़ चुके हैं। पड्डल के सुखदेव, संजय कुमार, धनदेव तथा सुहड़ा की पुन्नी देवी, मीरा और खलियार की कुसुम लता सहित कई लोगों ने अस्पताल प्रशासन से परिसर में दलालों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है।
विज्ञापन
दलाल मिले तो होगी एफआईआर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. दिनेश ठाकुर ने कहा कि अस्पताल परिसर में निजी अस्पतालों के कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति मरीजों को गुमराह करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने मरीजों से भी अपील की कि वे ऐसे लोगों के झांसे में न आएं। अस्पताल में उपलब्ध सभी आवश्यक जांचें निर्धारित व्यवस्था के तहत निशुल्क की जाती हैं।
विज्ञापन
चेतावनी बोर्ड भी बने शोपीस, कार्रवाई की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी।
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को निजी अस्पतालों और लैब तक पहुंचाने वाले दलालों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। अस्पताल परिसर में घूम रहे कुछ निजी संस्थानों के कर्मचारी मरीजों को जल्द जांच और बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी लैब व अस्पतालों तक ले जा रहे हैं।
ये लोग ओपीडी, पर्ची काउंटर और वार्डों के बाहर सक्रिय रहते हैं तथा दूरदराज से आए गरीब, बुजुर्ग और असहाय मरीजों को निशाना बनाते हैं। लंबी कतार और रिपोर्ट में देरी का हवाला देकर उन्हें निजी लैब में जांच कराने के लिए तैयार किया जाता है, जहां उनसे अधिक राशि वसूली जाती है। कई मामलों में गंभीर मरीजों के सैंपल भी अस्पताल से ही निजी संस्थानों के कर्मचारी ले जाते देखे गए हैं।
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को सतर्क करने के लिए परिसर में सूचना बोर्ड लगाए है लेकिन अधिकांश बोर्ड क्षतिग्रस्त या उखड़ चुके हैं। पड्डल के सुखदेव, संजय कुमार, धनदेव तथा सुहड़ा की पुन्नी देवी, मीरा और खलियार की कुसुम लता सहित कई लोगों ने अस्पताल प्रशासन से परिसर में दलालों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है।
विज्ञापन
दलाल मिले तो होगी एफआईआर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. दिनेश ठाकुर ने कहा कि अस्पताल परिसर में निजी अस्पतालों के कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति मरीजों को गुमराह करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने मरीजों से भी अपील की कि वे ऐसे लोगों के झांसे में न आएं। अस्पताल में उपलब्ध सभी आवश्यक जांचें निर्धारित व्यवस्था के तहत निशुल्क की जाती हैं।