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Mandi News: वसूली के दो मामलों को जिला न्यायाधीश की अदालत में भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 02 May 2026 05:01 AM IST
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व्यावसायिक विवाद मानते हुए वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश की अदालत ने दिए स्थानांतरण के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। लंबित वसूली से जुड़े दो मामलों को व्यावसायिक विवाद मानते हुए वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश मंडी की अदालत ने उन्हें जिला न्यायाधीश मंडी की अदालत में स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं। यह निर्णय राज्य में व्यावसायिक न्यायालयों के गठन से संबंधित अधिसूचना के मद्देनजर लिया गया।
पहला मामला अभिजीत डोगरा बनाम कृष्ण चंद सैनी से संबंधित है, जिसमें वादी ने करीब 10.79 लाख रुपये की वसूली और 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की मांग को लेकर वर्ष 2024 में वाद दायर किया था। विवाद लिंक रोड निर्माण कार्य से जुड़ा है, जिसमें भुगतान को लेकर मतभेद उत्पन्न हुआ। अदालत ने पाया कि यह निर्माण अनुबंध से संबंधित मामला है, जो व्यावसायिक विवाद की श्रेणी में आता है।
इसी तरह दूसरे मामले में इंडियन बैंक ने मैसर्ज कनिका एंटरप्राइजेज व अन्य के खिलाफ करीब 10.74 लाख रुपये की वसूली के लिए वाद दायर किया था। बैंक के अनुसार वर्ष 2014 में दिए गए ऋण की अदायगी नहीं होने पर यह विवाद उत्पन्न हुआ। अदालत ने इसे बैंकिंग लेन-देन से जुड़ा व्यावसायिक विवाद माना।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से 18 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार जिला स्तर पर व्यावसायिक न्यायालयों की शक्तियां जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों को प्रदान की गई हैं। ऐसे में तीन लाख से एक करोड़ रुपये तक के मामलों की सुनवाई अब संबंधित व्यावसायिक अदालत में ही होगी। इसी आधार पर दोनों मामलों की फाइलें संबंधित जिला न्यायाधीश, मंडी की अदालत को तत्काल प्रभाव से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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मंडी। लंबित वसूली से जुड़े दो मामलों को व्यावसायिक विवाद मानते हुए वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश मंडी की अदालत ने उन्हें जिला न्यायाधीश मंडी की अदालत में स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं। यह निर्णय राज्य में व्यावसायिक न्यायालयों के गठन से संबंधित अधिसूचना के मद्देनजर लिया गया।
पहला मामला अभिजीत डोगरा बनाम कृष्ण चंद सैनी से संबंधित है, जिसमें वादी ने करीब 10.79 लाख रुपये की वसूली और 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की मांग को लेकर वर्ष 2024 में वाद दायर किया था। विवाद लिंक रोड निर्माण कार्य से जुड़ा है, जिसमें भुगतान को लेकर मतभेद उत्पन्न हुआ। अदालत ने पाया कि यह निर्माण अनुबंध से संबंधित मामला है, जो व्यावसायिक विवाद की श्रेणी में आता है।
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इसी तरह दूसरे मामले में इंडियन बैंक ने मैसर्ज कनिका एंटरप्राइजेज व अन्य के खिलाफ करीब 10.74 लाख रुपये की वसूली के लिए वाद दायर किया था। बैंक के अनुसार वर्ष 2014 में दिए गए ऋण की अदायगी नहीं होने पर यह विवाद उत्पन्न हुआ। अदालत ने इसे बैंकिंग लेन-देन से जुड़ा व्यावसायिक विवाद माना।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से 18 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार जिला स्तर पर व्यावसायिक न्यायालयों की शक्तियां जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों को प्रदान की गई हैं। ऐसे में तीन लाख से एक करोड़ रुपये तक के मामलों की सुनवाई अब संबंधित व्यावसायिक अदालत में ही होगी। इसी आधार पर दोनों मामलों की फाइलें संबंधित जिला न्यायाधीश, मंडी की अदालत को तत्काल प्रभाव से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
