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Mandi News: गढ़सा में बादल फटने के बाद बढ़ा ब्यास नदी का जलस्तर
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पंडोह बांध से पानी छोड़ने के बा मंडी शहर में उफान पर ब्यास नदी। संवाद
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पंडोह डैम से सुबह छोड़ा गया 28 हजार क्यूसिक पानी
डैम में सिल्ट बढ़ने से सुबह 6 से 11 बजे तक बंद रही बग्गी टनल
शाम तक घटाकर 13,845 क्यूसिक किया गया जल प्रवाह
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। कुल्लू जिले की गढ़सा घाटी में बीते मंगलवार को बादल फटने की घटना के बाद ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। ऊपरी क्षेत्रों से भारी मात्रा में पानी और सिल्ट आने के कारण पंडोह डैम में भी पानी का प्रवाह बढ़ गया, जिसके चलते बुधवार सुबह एहतियात के तौर पर डैम से करीब 28,000 क्यूसिक पानी ब्यास नदी में छोड़ा गया।
डैम में लगातार बढ़ रही सिल्ट के कारण बगी टनल को बुधवार सुबह 6 बजे से 11 बजे तक बंद रखना पड़ा। सिल्ट की मात्रा अधिक होने से टनल के माध्यम से पानी की निकासी प्रभावित हुई और परियोजना संचालन में अस्थायी बदलाव करना पड़ा। इससे डैहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन प्रभावित रहा।
स्थिति में कुछ सुधार होने के बाद बगी टनल को दोबारा चालू किया गया। इसके बाद शाम तक डैम से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा घटाकर 13,845 क्यूसिक कर दी गई। अधिकारियों द्वारा डैम की स्थिति और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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प्रशासन ने ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों, मछुआरों, पर्यटकों और नदी तट पर कार्य कर रहे श्रमिकों से नदी के करीब न जाने की अपील की है। जलस्तर में अचानक उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। उधर, बीबीएमबी अधिशासी अभियंता चंद्रमणी शर्मा ने बताया कि पानी छोड़ने से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
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डैम में सिल्ट बढ़ने से सुबह 6 से 11 बजे तक बंद रही बग्गी टनल
शाम तक घटाकर 13,845 क्यूसिक किया गया जल प्रवाह
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। कुल्लू जिले की गढ़सा घाटी में बीते मंगलवार को बादल फटने की घटना के बाद ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। ऊपरी क्षेत्रों से भारी मात्रा में पानी और सिल्ट आने के कारण पंडोह डैम में भी पानी का प्रवाह बढ़ गया, जिसके चलते बुधवार सुबह एहतियात के तौर पर डैम से करीब 28,000 क्यूसिक पानी ब्यास नदी में छोड़ा गया।
डैम में लगातार बढ़ रही सिल्ट के कारण बगी टनल को बुधवार सुबह 6 बजे से 11 बजे तक बंद रखना पड़ा। सिल्ट की मात्रा अधिक होने से टनल के माध्यम से पानी की निकासी प्रभावित हुई और परियोजना संचालन में अस्थायी बदलाव करना पड़ा। इससे डैहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन प्रभावित रहा।
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स्थिति में कुछ सुधार होने के बाद बगी टनल को दोबारा चालू किया गया। इसके बाद शाम तक डैम से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा घटाकर 13,845 क्यूसिक कर दी गई। अधिकारियों द्वारा डैम की स्थिति और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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प्रशासन ने ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों, मछुआरों, पर्यटकों और नदी तट पर कार्य कर रहे श्रमिकों से नदी के करीब न जाने की अपील की है। जलस्तर में अचानक उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। उधर, बीबीएमबी अधिशासी अभियंता चंद्रमणी शर्मा ने बताया कि पानी छोड़ने से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।